
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल को लीडरशिप पुरस्कार
नॉमिनेशन के आधार पर यह उपरोक्त पुरस्कार दिया गया, जिसमें आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल को लीडरशिप अवॉर्ड के लिए चुना गया। इसके प्रमुख ज्यूरी में इंडियन ओवरसीज बैंक के पूर्व चेयरमैन एम. नरेन्द्र ओबीसी बैंक के पूर्व चेयरमैन टी. वाई. प्रभु, देना बैंक के पूर्व चेयरमैन अश्विनी कुमार, सेंट्रल बैंक के पूर्व चेयरमैन एम. टंकसाले आदि थे। गौरतलब है कि जब हाल में तमाम फंड हाउस डेट पेपर डिफॉल्ट में फंसे थे, उस समय आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल की एक भी स्कीम डेट पेपर के भुगतान की देरी या डिफॉल्ट में नहीं फंसी। फंड हाउस क्रेडिट रिस्क प्रबन्धन में निवेश के जिस नजरिये का पालन करता है, यही कारण है कि इस फंड हाउस की पिछले दो दशकों में कोई भी स्कीम को डिफॉल्ट का सामना नहीं करना पड़ा है।
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के एमडी एवं सीईओ निमेश शाह का कहना है कि हमने दस साल पहले क्रेडिट रिस्क प्रबन्धन को फंड प्रबन्धन से अलग कर एक स्वतंत्र क्रेडिट असेसमेंट स्थापित किया है, जो फंड हाउस को क्रेडिट के फैसले में किसी तरह के झुकाव से बचाता है। इस वजह से इस फंड हाउस ने चुनौती भरे माहौल में भी डेट में सबसे अधिक 15.6 फीसदी की बाजार हिस्सेदारी रखी है। डेट में इसका एयूएम भी पिछले साल 35 फीसदी बढ़ा है, जबकि फंड उद्योग की वृद्धि 17.7 फीसदी रही है। उनके मुताबिक हम यह मानते हैं कि ऊंची ब्याज दर के पीछे भगने की बजाय क्रेडिट का स्वतंत्र असेसमेंट किया जाए और निवेशकों के निवेश पर किसी तरह का जोखिम न हो।
Published on:
16 Feb 2020 12:32 am
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