
Congress Politics In Rajasthan : कांग्रेस के हाथ से हाथ जोड़ो अभियान के तहत जमीन पर उतरते कांग्रेसी नेताओं की अपनी ही कार्यप्रणाली उनके सामने आने लगी है। राजस्थान में कांग्रेस की क्या हालत है वह भी अब नेताओ की जुबान पर आ रही है। विधानसभा चुनाव आसन्न है। ऐसे में सब अब समेटने में लगे हैं लेकिन जमीन कुछ और ही कह रही है।
कार्यकर्ताओं की सुनी नहीं जाती, काम नहीं होते, अपमानित किया जाता है। कुछ ऐसी बातें शनिवार को कांग्रेस के हाथ से हाथ जोड़ो अभियान में निकलकर सामने आई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुरू जिले के प्रभारी मंत्री बृजेन्द्र ओला के समक्ष अपनी बात रखी। प्रभारी मंत्री ने इस पर विचार करने की बात कह अभियान को मजबूती प्रदान करने पर बल दिया।
प्रभारी मंत्री ओला ने कहा कि हमारी पहचान कांग्रेस से है। यदि कांग्रेस नहीं रहेगी तो हमारा भी कोई वजूद नहीं है। गुजरात जीता जागता उदाहरण है। ओला ने कहा कि यदि राजस्थान में कांग्रेस की सरकार नहीं आई तो गुजरात से बदतर हालात होंगे।
निवर्तमान कांग्रेस के शहर ब्लॉक अध्यक्ष अबरार खां ने मंत्री को कहा कि हमारी यहां पर सुनने वाला कोई नहीं है। सभापति अंदर आने नहीं देती। हाजी मकबूल मंडेलिया ने मुझे ब्लॉक अध्यक्ष बनाया पर चार साल हो गए वे यहां आते नहीं। अब जाए तो कहां। कांग्रेस के निवर्तमान देहात अध्यक्ष रामनिवास सहारण ने प्रभारी मंत्री व संगठन के सचिव के समक्ष अपनी आपत्ति जताई।
Published on:
22 Jan 2023 09:59 am
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