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जन्माष्टमी पर गोविन्द देवजी मंदिर में आने से पहले जान लें ये खास बातें, ताकि न हो कोई परेशानी

प्रसाद, फल, मिठाई, नारियल, लैपटॉप-कैमरे का प्रवेश निषेध रहेगा। भारतीय परिधान पहनकर आएं।

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जयपुर

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Rajesh Dixit

Aug 23, 2024

जयपुर। जन्माष्टमी पर्व 26 अगस्त को मनाया जाएगा। जयपुर के प्रसिद्ध कृष्ण मंदिरों में शुमार गोविन्द देवजी मंदिर में पर्व की पूरी तैयारियां कर ली हैं। साथ ही भक्तों की सुविधा का भी प्रशासन ने ध्यान रखा है। ताकि भक्त अनावश्यक परेशान नहीं हो।

यह रहेगी भक्तों के लिए आने-जाने की व्यवस्था
महंत अंजन गोस्वामी के सान्निध्य में ठाकुर श्रीजी को नवीन पीत वस्त्र और विशेष अलंकार धारण कराए जाएंगे। मंगला झांकी से ही दर्शन शुरू होंगे। अलग-अलग लाइनों से भक्तों का प्रवेश होगा। जलेब चौक से आने वाले भक्तों का निकास जय निवास बाग पूर्वी गेट से तथा ब्रह्मपुरी, कंवर नगर से आने वाले भक्त चिंताहरण हनुमान मंदिर होते हुए मंदिर में प्रवेश करेंगे व जय निवास बाग पश्चिम द्वार से उनका निकास होगा। करीब 3000 कार्यकर्ता व 150 स्काउट सेवाएं देंगे। लाइव प्रसारण के लिए 13 एलईडी लगाई जाएंगी। 8 से 10 मेटल डिटेक्टर लगाए जाएंगे व मंदिर परिसर में एक कंट्रोल रूम भी बनाया है।

प्रसाद, फल, मिठाई, नारियल लेकर नहीं आए दर्शनार्थी
प्रशासन ने दर्शनार्थियों से पर्स सहित अन्य कीमती सामान मंदिर न लाने की अपील की है। प्रसाद, फल, मिठाई, नारियल, लैपटॉप-कैमरे का प्रवेश निषेध रहेगा। भारतीय परिधान पहनकर आएं। जूते-चप्पल जूता घर में खोलकर आएं। गोविंद देव जी के अधीन मंदिर राधा माधव व नटवर, कुंज बिहारी सहित अन्य मंदिरों में भी कार्यक्रम होंगे।

935 किलो पंचामृत से होगा जन्माभिषेक
भगवान कृष्ण के जन्म का पर्व जन्माष्टमी 26 अगस्त को मनाया जाएगा। पर्व में कुछ ही दिन शेष होने से कान्हा के स्वागत के लिए शहर के मंदिरों में विशेष रोशनी के साथ ही रंग-बिरंगी पताकाओं से सजावट की गई है। बैरिकेडिंग सहित अन्य तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। गोविंद देवजी सहित अन्य मंदिरों में सुबह से मध्य रात्रि भगवान के जन्म के समय तक श्रद्धालु उमड़ेंगे।

सुबह होगी मंगला आरती
मानस गोस्वामी ने बताया कि गोविंद देवजी मंदिर के द्वार पर शहनाई वादन के साथ ही 26 अगस्त को सुबह मंगला झांकी से पहले पंचामृत अभिषेक होगा।

31 तोपों की सलामी के साथ होगी आतिशबाजी
26 अगस्त की रात 10 बजे से जन्माष्टमी व्रत कथा। रात्रि 12 बजे 31 तोपों की सलामी के साथ विशेष आतिशबाजी होगी। गोविंद के अभिषेक के लिए दर्शन खुलेंगे। 425 लीटर दूध, 365 दही, 11 किलो घी, 85 किलो बूरा व 11 किलो शहद सहित 935 किलो पंचामृत से भगवान का अभिषेक होगा। पंजीरी लड्डू, खिरसा एवं कुल्लड़ रबड़ी सहित ठाकुरजी को विशेष भोग अर्पित किए जाएंगे।