
Indian Railway प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source - Patrika)
जयपुर. सर्दियों की छुट्टियों में घूमने का प्लान बना रहे लोगों के लिए ट्रेन सफर ‘वेटिंग टूर’ बन गया है। महीने के अंत तक जयपुर से आवाजाही वाले प्रमुख रूटों की ज्यादातर लंबी दूरी की ट्रेनें फुल हो चुकी हैं। मुंबई सुपरफास्ट में स्लीपर की वेटिंग 120 पार कर चुकी है, तो देहरादून और अहमदाबाद जाने वाली ट्रेनों में किसी भी श्रेणी में सीट नहीं बची। तत्काल टिकट भी हाथ से फिसल रहे हैं।
अतिरिक्त यात्रीभार को देखते हुए रेलवे कई रूटों पर स्पेशल ट्रेनें भी चला रहा है। कई नियमित ट्रेनों में जनरल से लेकर एसी श्रेणी तक के अतिरिक्त कोच जोड़े गए हैं, लेकिन ये इंतजाम भी नाकाफी साबित हो रहे हैं। सबसे ज्यादा मारामारी 25 से 31 दिसंबर के बीच विंटर वेकेशन शुरू होने से पहले ही ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। सीट नॉट अवेलेबल, बुकिंग बंद और नो‑रूम…हर रूट पर यही हाल है।
ज्यादा मारामारी 25 से 31 दिसंबर के बीच यात्रा को लेकर देखने को मिल रही है। इस दौरान जयपुर से आने-आने वालों की तादाद बढ़ती है। इसलिए कई रूटों पर वेटिंग लंबी है। तत्काल कोटा भी चंद मिनट में वेटिंग सामान्य श्रेणी में कंफर्म सीट नहीं मिलने पर यात्री तत्काल टिकट की आस लगाए रहते हैं, लेकिन वहां भी ज्यादातर को निराशा ही हाथ लग रही है। कारण यह है कि तत्काल कोटा खुलते ही कुछ ही मिनटों में फुल हो जा रहा है और तुरंत वेटिंग शुरू हो जाती है।
20 और 27 दिसंबर को देहरादून जाने वाली ट्रेन में किसी भी श्रेणी में बुकिंग उपलब्ध नहीं है। जयपुर से अहमदाबाद जाने वाली आश्रम एक्सप्रेस, अरावली एक्सप्रेस, स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस, योगा एक्सप्रेस और जयपुर–असारवा सुपरफास्ट समेत कई ट्रेनों में स्लीपर से लेकर एसी तक किसी भी श्रेणी में एक भी सीट उपलब्ध नहीं है। आश्रम, अरावली एक्सप्रेस और योगा एक्सप्रेस में भी ऑनलाइन बुकिंग बंद नजर आई।
जयपुर–हावड़ा रूट पर अजमेर–सियालदाह ट्रेन में स्लीपर और थर्ड एसी श्रेणी में रिग्रेट की स्थिति बनी हुई है, वहीं हावड़ा सुपरफास्ट में भी नो-रूम दिख रहा है। जयपुर-मुंबई सुपरफास्ट ट्रेन में स्लीपर श्रेणी की वेटिंग 120 के पार पहुंच चुकी है। 28 से 31 दिसंबर तक इस ट्रेन में थर्ड, सेकंड एसी और स्लीपर सभी श्रेणियों में नो-रूम की स्थिति है। -लखनऊ, कानपुर, गुवाहाटी और जम्मू समेत कई अन्य रूटों पर भी अभी से यही हालात ऐसे ही बने हुए हैं।
Updated on:
21 Dec 2025 05:44 pm
Published on:
21 Dec 2025 05:44 pm
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