जयपुर। राजधानी जयपुर में आज जानकी नवमी का उल्लास छाया हुआ है। आज ही के दिन राजा जनक को मां सीता मिली थी, इसलिए जानकी नवमी पर उनका प्राकट्योत्सव मनाया जाता है। शहर के चांदपोल बाजार स्थित प्राचीन रामचंद्रजी मंदिर में साल में केवल आज के दिन ही मां जानकी के चरण दर्शन कराए जाते हैं। आज सुबह 101 किलो पंचामृत से माताजी का अभिषेक किया गया। मैया को राजसी पोशाक धारण करवाकर अलौकिक शृंगार किया गया। दोपहर 2 बजे जन्म आरती के बाद पंजीरी—पंचामृत का प्रसाद वितरित किया जा रहा है। शाम को विशेष आरती होगी। इस दौरान फूल बंगले की झांकी के साथ भगवान को शीतल व्यंजन और फलों का भोग लगाया जाएगा। संध्या आरती के समय 21 तापों की सलामी भी दी जाएगी। शहर के अन्य राम मंदिरों में भी विशेष धार्मिक आयोजन होंगे।
मिथिलांचवासियों का पहली बार आयोजन
गुलाबीनगर में रहने वाले मिथिलांचलवासी भी पहली बार मां जानकी का प्राकट्योत्सव मनाएंगे। टोंक रोड के माथुर वैश्य नगर स्थित श्री राम मंदिर में शाम 5 बजे उत्सव शुरू होगा। इस दौरान 1100 दीपों का दीपदान किया जाएगा। मंदिर में भजनों के साथ सामूहिक सुंदरकांड के पाठ होंगे। इस दौरान भक्तों को प्रसादी का वितरण किया जाएगा।