
जयपुर। राजस्थान में अवैध खनन पर शिकंजा कसते हुए माइन्स विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों पर प्रदेशभर में चलाए गए विशेष अभियान के तहत भरतपुर जिले की पहाड़ी तहसील में एक दर्जन से अधिक खानों पर छापेमारी की गई, जहां 180 करोड़ रुपए से अधिक का जुर्माना लगाया गया। विभाग ने 2 से 9 अप्रैल के बीच 339 कार्रवाइयों में 168 वाहन और मशीनरी जब्त की तथा 24,950 टन से अधिक अवैध खनिज बरामद किए। इस अभियान के दौरान 43 एफआईआर दर्ज की गईं और 26 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिससे खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
राज्य के माइन्स विभाग द्वारा राज्यभर में कार्रवाई जारी है। उदयपुर, जोधपुर, जयपुर, भीलवाड़ा सहित अन्य स्थानों के साथ ही भरतपुर में पहाड़ी तहसील के खनन क्षेत्रों में एक दर्जन से अधिक स्थानों/खानों पर औचक कार्रवाई कर खननकर्ताओं पर 180 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। माइन्स विभाग की टीम द्वारा कार्रवाई के दौरान खननकर्ताओं द्वारा रवन्नाओं के दुरुपयोग, बिना रवन्ना के खनिजों का अवैध निगर्मन, अवैध खनन व गैप एरिया में अवैध खनन करना पाया गया।
विभाग द्वारा 2 अप्रेल से 9 अप्रेल के दौरान में अवैध खनन, खनिज परिवहन और खनिज भण्डारण के विरुद्ध 339 कार्रवाई करते हुए 168 वाहन मशीनरी जब्त की है। इस दौरान समूचे प्रदेश में 24 हजार 950 टन से अधिक अवैध भण्डारित खनिज जब्त किया गया है वहीं अलग-अलग पुलिस थानों में 43 एफआईआर दर्ज कराई गई है और 26 गिरफ्तारी हुई हैं। एक करोड़ 97 लाख रुपए का जुर्माना वसूल कर राजकोष में जमा कराया गया है।
निदेशक माइन्स दीपक तंवर ने बताया कि विभाग की विशेष टीम ने भरतपुर जिले की पहाड़ी तहसील के छपरा, घौलेट और नांगल आदि गांवों की एक दर्जन से अधिक खानों के मुआयना के दौरान व्यापक स्तर पर अनियमितता पाए जाने पर अवैध खनन का आकलन कर 180 करोड़ रुपए से अधिक की शास्ति लगाई गई है। इनमें पहाड़ी के छपरा गांव में 3 स्थानों, ग्राम धौलेट में 5 स्थानों और नांगल ग्राम के 6 स्थानों पर खानधारकों द्वारा रवन्नाओं के दुरुपयोग, बिना रवन्ना के खनिज निगर्मन और गेप एरिया में अवैध खनन के मामलें सामने आए हैं। विभाग द्वारा अवैध खनन का अलग अलग आकलन कर सब पर अलग अलग कुल मिलाकर 180 करोड़ रुपए की शास्ति लगाई है।
Published on:
11 Apr 2025 09:41 am
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