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सचिन पायलट अनशन मामला दिल्ली दरबार पहुंचा, खड़गे के घर आज मंथन बैठक, फैसले पर रहेगी नजर

-कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के निवास पर सुबह 11 बजे प्रस्तावित है बैठक, प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा और केसी वेणुगोपाल भी होंगे बैठक में शामिल-

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जयपुर। पार्टी हाईकमान की चेतावनी के बावजूद वसुंधरा सरकार के भ्रष्टाचार के मामलों की जांच की मांग को लेकर अनशन करने वाले पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट का मामला अब दिल्ली दरबार में पहुंच गया है। सचिन पायलट मामले को लेकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर आज एक अहम बैठक होने जा रही है।

बताया जा रहा है कि सुबह 11 बजे मल्लिकार्जुन खड़गे के घर प्रस्तावित बैठक में पार्टी के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा और संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल भी शामिल होंगे। हालांकि बैठक के दौरान सचिन पायलट मामले को लेकर पार्टी हाईकमान का क्य़ा रुख रहेगा, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। बैठक को लेकर जयपुर से दिल्ली तक भी चर्चाओं का दौर है।

पार्टी हाईकमान के सामने बड़ी चुनौती
दरअसल पार्टी के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा भले ही सचिन पायलट के अनशन के मामले को पार्टी विरोधी गतिविधि करार दे चुके हों लेकिन पार्टी हाईकमान सचिन पायलट मामले को लेकर फूंक-फूंक कर कदम उठा रहा हैं। पार्टी हाईकमान के सामने परेशानी यह है कि अगर सचिन पायलट के खिलाफ कोई एक्शन होता है तो फिर बीते साल 25 सितंबर को पार्टी की आधिकारिक विधायक दल की बैठक के समानांतर विधायक दल की बैठक बुलाने के आरोपी मंत्री महेश जोशी, शांति धारीवाल और आरटीडीसी के चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ पर भी आलाकमान को सख्त कार्रवाई करनी पड़ेगी।

तीनों नेताओं पर अभी तक भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर पहले ही शीर्ष नेतृत्व पर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में सचिन पायलट अनशन मामले में पार्टी हाईकमान कार्रवाई करें या नहीं, इसे लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

बुधवार को अपनी रिपोर्ट खड़गे को सौंप चुके हैं रंधावा
इससे पहले बुधवार को पार्टी के प्रदेश प्रभारी सुखविंदर सिंह रंधावा ने दिल्ली पहुंचकर सचिन पायलट मामले में अपनी रिपोर्ट पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को सौंपी थी। रिपोर्ट में किन बातों का उल्लेख किया गया है वो सामने नहीं आ पाया।

राजस्थान को पंजाब नहीं बनने देंगे
वहीं दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे से मुलाकात के बाद प्रदेश प्रभारी सुखदेव सिंह रंधावा ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि राजस्थान को पंजाब नहीं बनने देंगे। रंधावा ने कहा था कि सचिन पायलट वसुंधरा राजे के भ्रष्टाचार के मामले को लेकर तो बोल रहे हैं लेकिन उन्हें इस मामले को विधानसभा में क्यों नहीं उठाया। उन्होंने ये क्यों नहीं कहा कि संजीवनी घोटाले में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की भी गिरफ्तारी होनी चाहिए। प्रभारी रंधावा ने कहा कि कार्रवाई तो 25 सितंबर की घटना के बाद भी होनी चाहिए थी लेकिन नहीं हुई थी लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।

अनशन के बाद सचिन पायलट भी पहुंचे थे दिल्ली
वहीं मंगलवार को वसुंधरा सरकार के भ्रष्टाचार के मामलों की जांच की मांग को लेकर शहीद स्मारक पर 1 दिन का अनशन करने के बाद सचिन पायलट भी दिल्ली पहुंच गए थे। हालांकि पायलट बुधवार को दिल्ली में ही रहे, लेकिन बताया जा रहा है कि उनके किसी भी नेता से कोई मुलाकात नहीं हो पाई।

मुख्यमंत्री ने दी बयानबाजी से बचने की सलाह
इधर बुधवार मुख्यमंत्री आवास पर हुई कैबिनेट और मंत्रिपरिषद की बैठक के दौरान भी सचिन पायलट मामले को लेकर चर्चा हुई थी। सूत्रों की माने तो बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने तमाम मंत्रियों को सचिन पायलट मामले में किसी प्रकार की बयानबाजी नहीं करने की नसीहत दी थी। मंत्रियों को साफ निर्देश दिए गए थे कि सार्वजनिक मंचों और मीडिया में किसी प्रकार की कोई बयान बाजी नहीं हो, पार्टी हाईकमान के भी यही निर्देश हैं।

गौरतलब है कि पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार के भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर रविवार को पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अपनी सरकार पर सवाल खड़े किए थे। सचिन पायलट ने कहा था कि विपक्ष में रहते हैं हमने वसुंधरा सरकार के कई बड़े घोटालों को उजागर किया था और जनता से वादा किया था कि हम सत्ता में आए तो इसकी जांच करवाएंगे लेकिन हमारी सरकार के साढ़े 4 साल बीत चुके हैं लेकिन अभी तक भी भ्रष्टाचार के मामलों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसी के विरोध में उन्होंने 11 अप्रेल को शहीद स्मारक अपने समर्थकों के साथ 1 दिन का अनशन किया था। हालांकि अनशन को पार्टी हाईकमान ने पार्टी विरोधी गतिविधि करार दिया था।