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2350 ग्राम पंचायतों तक पहुंचाया बेटी बचाओ का संदेश

सभी जगह डेप रक्षकों ने दिया बेटियां अनमोल हैं का संदेश  

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जयपुर

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Vikas Jain

Sep 08, 2018

beti panchayat

2350 ग्राम पंचायतों तक पहुंचाया बेटी बचाओ का संदेश

जयपुर। प्रदेशभर में शुक्रवार को बेटी बचाओ के प्रति जन-जागरुकता के लिए शुक्रवार को बेटी पंचायत का आगाज हुआ। प्रशिक्षित डेप रक्षकों ने 2350 ग्राम पंचायतों में बेटी पंचायत आयोजित कर 27 608 लोगों को बेटियां अनमोल हैं का संदेश दिया। जयपुर की अचरोल ग्राम पंचायत के राजकीय बालिका माध्यमिक विद्यालय में आयोजित बेटी पंचायत में अध्यक्ष राज्य समुचित प्राधिकारी पीसीपीएनडीटी एवं मिशन निदेशक एनएचएम नवीन जैन ने डेप रक्षक के रूप में हिस्सा लिया एवं सभी से बेटी बचाओ के इस नेक अभियान ने जुड़ते हुए मिलकर बेटियों को बचाने का आव्हान किया।

अचरोल में आयोजित कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पीसीपीएनडीटी शल्पा चौधरी, आमेर पंचायत समिति प्रधान सीताराम शर्मा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, पीसीपीएनडीटी सैल एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रतिनिधियों सहित करीब 350 से अधिक ग्रामवासियों, महिलाओं एवं बेटियों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर जैन ने समाज में बेटियों के प्रति हो रहे भेदभाव के कारणों यथा वंशवाद, धार्मिक कारणों, बुढापे का सहारा एवं खानदान का नाम रोशन करने जैसे बातों को दकियानूसी एवं आधारहीन बताया। उन्होंने समाज में बेटियों को समान दर्जा देने की आवश्यकता पर बल दिया। मिशन निदेशक ने बताया कि निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार सितम्बर माह में 14, 25 एवं 28 सितम्बर को भी बेटी पंचायतें लगाई जाएगी।

जैन ने समाज में बेटियों के प्रति हो रहे भेदभाव के कारणों यथा वंशवाद, धार्मिक कारणों, बुढापे का सहारा एवं खानदान का नाम रोशन करने जैसे बातों को दकियानूसी एवं आधारहीन साबित किया। समाज में बेटियों को समान दर्जा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने प्रदेश में लिंगानुपात स्थिति, पीसीपीएनडीटी कानून, राजश्री योजना, मुखबिर योजना, डिकाय आपरेशन, पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत दोषियों को दी जाने वाली कडी सजा जैसे बिन्दुओं पर भी विस्तार से जानकारी प्रदान दी। उन्होंने उपस्थित लोगों से दलाल नहीं बनकर मुखबिर बनने की अपील की, ताकि समाज में छुपे हुये बेटियों के हत्यारों को पकड़कर जेल भेजा जा सके और प्रकृति का सिद्धान्त बेटा-बेटी एक समान लागू हो सके।