
जोधपुर रेंज आइजी की टीम ने पेपर लीक मामले के इनामी आरोपियों को राधारानी की भक्त व गैस सिलेंडर कंपनी का हॉकर बनकर पकड़ा। रेंज आईजी विकास कुमार की जुबानी…उनकी टीम ने कैसे बरसाना में वांटेड सरकारी शिक्षिका सम्मी उर्फ छम्मी व हैदराबाद में वांटेड ओमप्रकाश ढाका व सुनील बेनिवाल को पकड़ा…
आरती करती नजर आई
सांचौर के चितलवाना निवासी सम्मी उर्फ छम्मी बिश्नोई की तलाश में टीम जुटी। पता चला कि वह मीरा व राधा की भक्त बन गई और मंदिरों में घूम रही है। टीम राजस्थान के मीरा व राधा मंदिरों में पहुंची, लेकिन उसका पता नहीं चला। इस दौरान जानकारी मिली कि छम्मी की बहन की बेटी का वृंदावन और उसके आस-पास धार्मिक आयोजनों में आना-जाना बढ़ गया है। बहन की बेटी से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि मौसी छम्मी वृंदावन, बरसाना में रहकर धार्मिक यात्राओं में भाग लेती है। टीम वृंदावन में राधारानी के मंदिरों में भक्त बनकर पहुंची और इस दौरान बरसाना में गौ रक्षा यात्रा निकलने की सूचना मिली। टीम बरसाना पहुंची तो वहां पर छम्मी मकान मालकिन के साथ गौ रक्षा यात्रा की आरती उतार रही थी। टीम ने बरसाना की गलियों में उसका पीछा करते हुए उसके रहने वाले घर की तस्दीक की और इसके बाद उसको पकड़ लिया। छम्मी तीन माह से बरसाना में छह हजार रुपए किराए से कमरा लेकर रह रही थी। वह वर्ष 2021 में बालोतरा में दर्ज एक मामले में वांटेड थी और फरार चल रही थी।
रात दो बजे उठाया हिंदुस्तान पेट्रोलियम के आला अधिकारी को
टीम करेवी निवासी 75 हजार के इनामी ओमप्रकाश ढाका व वीरवा निवासी 25 हजार के इनामी सुनील बेनीवाल सहित अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी थी। तकनीकी टीम की जांच में सामने आया कि पेपर लीक के विदेश में रह रहे गैंग के सदस्यों के कॉल राजस्थान और हैदराबाद में पहुंच रहे थे। सांचौर के कुछ लोगों का मूवमेंट भी हैदराबाद की तरफ बढ़ गया। तब टीम ने हैदराबाद में तलाश शुरू की। वहां सांचौर, जालौर क्षेत्र के रहने वाले लोगों की जानकारी जुटाई गई। सामने आया कि एक दर्जन से अधिक लोग वहां रहकर खुद का काम कर रहे हैं या फिर किसी कंपनी में कर्मचारी हैं। इस बीच दिनेश नाम के व्यक्ति की जानकारी मिली। वह हैदराबाद में अकेला रहकर स्टील की रेलिंग बनाने का काम करता था। पता चला कि तीन माह पहले उसके यहां एक सिलेंडर दो महीने में खत्म होता था लेकिन तीन माह से हर 15 दिन में हो रहा था।
वहीं टीवी पर राजस्थान के न्यूज चैनल अधिक देखे जा रहे हैं। तब दिल्ली में हिंदुस्तान पेट्रोलियम के एक बड़े अधिकारी से सोमवार रात 2 बजे संपर्क किया। उन्होंने देर रात होने पर कहा कि यह कौनसा टाइम है…तब उन्हें कहा कि हम जाग रहे हैं…तो कोई बड़ी बात है…इस पर उन्होंने मदद की और हैदराबाद में गैस सिलेंडर की आइडी नंबर उपलब्ध करवाया। आइडी से हीरा गैंस एजेंसी पर टीम पहुंची और वहां दिनेश के घर गैस सिलेंडर ले जाने वाले हॉकर की बजाय टीम के साथी को हॉकर के कपड़े पहनाकर सिलेंडर सप्लाई करने भेजा। घर में ओमप्रकाश व सुनील के होने की पुष्टि होने पर टीम ने छापा मार दोनों को मौज मस्ती करते पकड़ लिया।
Updated on:
04 Jul 2024 07:40 am
Published on:
04 Jul 2024 12:24 am
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