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अनैतिक ड्रग ट्रायल मामले में पीड़ितों ने स्वास्थ्य मंत्रालय को लिखित में भेजी शिकायत

लगा था, मालपाणी अस्पताल वाले खून निकाल लेंगे

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jaipur news

जयपुर . बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा विकसित दवा के प्रयोग (ड्रग ट्रायल) के मामले में पीड़ितों ने अब लिखित में शिकायत दर्ज कराई है। चूरू के बीदासर तहसील के ढिगारिया गांव के प्रभावितों ने शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग और जयपुर पुलिस को आपबीती लिख भेजी है। शिकायत में ढिगारिया के निवासी कालूराम मेघवाल ने लिखा है कि जयपुर के मालपाणी अस्पताल मेें १८ अप्रेल को हमें धोखे से टेबलेट दी गई। बगैर नाम वाली उस दवा से बेहोशी छाने लगी और रात में गहरी नींद आई। सुबह हड्डियों में दर्द होने लगा। पूछताछ की, अस्पताल के डॉ. राहुल सैनी ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। फिर सभी को लगा कि अस्पताल वाले हमारे शरीर से खून न निकाल लें। हम डर गए व मीडिया को बुलाया। शिकायतकर्ता ढिगारिया के सोहनलाल, ओमाराम ने बताया कि उस दवा के कारण शरीर में अब तक दर्द हो रहा है। स्थानीय डॉक्टर से उपचार करवा रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि हमें सरकार मुआवजा दे, मालपाणी अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। विश्वकर्मा नगर थाने में भेजी शिकायत में अस्पताल संचालकों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज करने की फरियाद की गई है।

अब हो रही निगरानी की बातें

ड्रग ट्रायल पर निगरानी के लिए केन्द्र राजस्थान में निगरानी एजेंसी बनाएगा। ज्वाइंट ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया डॉ. वीजी सामोता ने शुक्रवार को जयपुर में पत्रकारों से कहा कि पिछले ३ साल से ड्रग ट्रायल के मामलों में विशेष सख्ती बरती जा रही है। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान अनैतिक ड्रग ट्रायल के मामले ना के बराबर आए।

उठ जाएगा डॉक्टरों पर से भरोसा

इधर, अनैतिक ड्रग ट्रायल रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर करने वाले स्वास्थ्य अधिकार मंच के सदस्य ढिगारिया में पीडि़तों से मिले। मंच के अमूल्य निधि ने बताया कि स्थिति भयावह है। ऐसा होता रहा तो लोगों का डॉक्टरों से भरोसा उठ जाएगा।