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राजस्थान में दो साल में 28 महिलाओं ने कर ली आत्महत्या, इनके साथ हुआ था अत्याचार

राजस्थान में पिछले दो साल में महिला अत्याचार के मामले बढ़े है।

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मनीष चतुर्वेदी

जयपुर। प्रदेश में धरियावाद में महिला को निवस्त्र कर घुमाने का मामला देशभर में छाया है। जिसने राजस्थान में महिला अत्याचार को सुर्खियों में ला दिया है। विपक्ष के नेताओं ने राजस्थान में महिला अत्याचार की तुलना मणिपुर से की है। लेकिन महिला अत्याचार के हकीकत हालात क्या है ? पत्रिका ने इसकी स्टडी की है।

स्टेट क्राइम रिपोर्ट के अनुसार साल 2021 व 2022 में प्रदेश में महिला अत्याचार की शिकार 28 पीड़िताओं ने आत्महत्या कर ली। इसमें सबसे ज्यादा आत्महत्या करने वाली पीड़िताएं बाड़मेर जिले से है। 28 में से 7 पीड़िताएं बाड़मेर की रहने वाली थी। जिनको आत्महत्या करना पड़ा। इसके अलावा अन्य आत्महत्या करने वाली पीड़िताएं जैसलमेर, जोधपुर, सीकर, सवाई माधोपुर, अजमेर, अलवर, चित्तौड़गढ़ व बीकानेर जिले की है। इन महिलाओं के साथ दुष्कर्म होना, ब्लैकमेलिंग होना व अन्य अत्याचार के मामले चल रहे थे।

पुलिस रिकॉर्ड में यह सभी आत्महत्याएं है। जिनके महिला अत्याचार से जुड़े मामलों में पुलिस पहले से जांच कर रही थी। इस दौरान इन पीड़िताओं ने आत्महत्या कर ली। आत्महत्या के कारण क्या रहें। यह पुलिस जांच का विषय है।

प्रदेश में महिला अत्याचारों के मामले बढ़े हैं। इनमें सबसे ज्यादा छेड़छाड़ के मामले हैं। इसके अलावा दहेज मृत्यु, दहेज आत्महत्या का दुष्प्रेरण, महिला उत्पीड़न और व्यपहरण/ अपहरण के केस हैं। स्टेट क्राइम रिपोर्ट के अनुसार साल 2023 में जून तक प्रदेश में महिला अत्याचार के कुल 38 हजार 936 प्रकरण दर्ज हुए। जिसके लिहाजा यह कहा जा सकता है कि प्रदेश में हर दिन 200 से ज्यादा महिलाएं अत्याचार की शिकार होती है।

दो साल में 20.61 प्रतिशत केस बढ़े..

स्टेट क्राइम रिकॉर्ड के अनुसार प्रदेश में पिछले 2 साल में 20. 61 प्रतिशत महिला अत्याचार के मामले बढ़े हैं। 2021 में जून तक महिला अत्याचार के 32282 प्रकरण दर्ज किए गए थे। तो 2023 में जून तक 38936 मामले दर्ज किए गए हैं। ऐसे में महिला अत्याचार करीब बीस फीसदी बढ़ा। अच्छी बात यह भी है की साल 2022 में जून तक महिला अत्याचार के 39717 मामले सामने आए थे। जिसके अनुसार साल 2023 में जून तक के दर्ज मामलों में गिरावट आई है। ऐसे में एक साल में 1.97 फीसदी महिला अत्याचार के मामले कम भी हुए हैं।

दर्दनाक: दहेज मृत्यु के 223 मामले

साल 2023 में जून तक महिला अत्याचारों की बात करें तो दहेज मृत्यु के 223 केस, दहेज आत्महत्या का दुष्प्रेरण के 82, महिला उत्पीड़न 498 ए के 9891, महिलाओं के साथ छेड़छाड़ के 13455 और महिलाओं के व्यपहरण/ अपहरण के 3870 मामले सामने आए हैं।

धीमी चल रही पुलिस की जांच, बढ़ी पेंडेंसी..

महिला अत्याचारों की बात की जाए तो राजस्थान पुलिस की पेंडेंसी बहुत ज्यादा है। जून तक के दर्ज रिकार्ड के अनुसार 33686 प्रकरणों में पुलिस की अनुसंधान कार्रवाई जारी है। यानी की 86.52 फीसदी केसों में पेंडेंसी चल रही है। जिनकी पुलिस जांच कर रही है। इसके अलावा 2331 केस में एफआर लगा दी गई है। साथ ही 2919 मामलों में पुलिस की ओर से चालान पेश किया गया है।

रेप केस में भी राजस्थान नंबर वन पर...

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के साल 2021 के आंकड़ों को देखा जाए तो रेप के मामलों में राजस्थान नंबर वन पर आता है। रेप के मामले राजस्थान में 6337, मध्य प्रदेश में 2947, उत्तर प्रदेश में 2845, महाराष्ट्र में 2496 और असम में 1733 दर्ज हुए थे। रेप के मामले में यह देश के पॉच टॉप राज्य है।

हालिया महिला अत्याचार से जुड़े दो बड़े केस..

1 — प्रतापगढ़ जिले के धरियावद में एक महिला को 31 अगस्त को निर्वस्त्र कर घुमाने का मामला सामने आया। पीड़िता के पति ने ही गांव वालों के सामने महिला को 1 किमी तक दौड़ाया। शुक्रवार को वीडियो वायरल होने के बाद मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

2 — पिछले महीने भीलवाड़ा जिले के नरसिंगपुरा गांव में 14 साल की नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर शव भट्टी में जलाने का मामला सामने आया। यह मामला भी देशभर में छाया। पुलिस ने भट्टी से करीब तीन सौ किलोग्राम से ज्यादा राख व कोयलों को बाहर निकाला। उसे छानने के बाद छह घंटे तक एक-एक कोयले को छांटकर नाबालिग के हाथ के कई टुकड़ों को ढूंढकर बाहर निकाला गया था।


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