
भारत 2050 तक दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, , लोगों की आय भी 700 प्रतिशत बढ़ेगी : गौतम अदाणी
21वें वर्ल्ड कांग्रेस ऑफ अकाउंटेंट्स आयोजन के 118 वर्ष के इतिहास में पहली बार भारत को चुना जाना, भारत की आर्थिक महाशक्ति बनने के सफर की शुरुआत है। कोविड महामारी, रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध, बदलती जलवायु से उत्पन्न चुनौती, ऊर्जा की बढ़ती कीमतों और मुद्रास्फीति में अभूतपूर्व तेजी ने वैश्विक नेतृत्व का संकट पैदा कर दिया है। 21 वें वर्ल्ड कांग्रेस ऑफ अकाउंटेंट्स के दौरान बोलते हुए एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति और अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा कि भारत को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में 58 साल लगे थे। पर अब हर 12 से 18 महीने में जीडीपी में इतने के बराबर योगदान बढ़ेगा। उन्होंने कहा है कि भारत 2050 तक दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगी।
बहुस्तरीय संकट ने दुनिया के मिथक को तोड़ दिया
अदाणी ने कहा कि इस बहुस्तरीय संकट ने महाशक्तियों की एकध्रुवीय या द्विध्रुववीय दुनिया के मिथक को भी तोड़ दिया है।दुनिया के महाशक्तियों के लिए अब किसी मामले में दखल देना और उसका अपने हिसाब से समाधान निकाल लेना जैसी बातें अब कठिन हो गई हैं। इस उभरती हुई बहुध्रुवीय दुनिया में महाशक्तियों को ऐसा होने की आवश्यकता जो एक संकट के समय में कदम बढ़ाकर दूसरों की मदद करने की जिम्मेदारी लें। ऐसे समय में वे राष्ट्र महाशक्ति होंगे जो अन्य राष्ट्रों को अधीनता के लिए ना धमकाएं और मानवता का अपने सबसे प्रमुख संचालन सिद्धांत के रूप में पालन करें। अदाणी ने कहा कि एक महाशक्ति को एक फलता-फूलता लोकतंत्र तो होना ही चाहिए, साथ ही उसे यह भी मानना चाहिए कि लोकतंत्र की कोई एक समान शैली नहीं है। पूंजीवाद का वह रूप जो विकास के लिए विकास को आगे बढ़ाता है और समाज के तानेबाने की अनदेखी करता है, अब तक के सबसे बड़े प्रतिरोध का सामना कर रहा है। 60 वर्षीय अदाणी ने कहा कि भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था की नींव प्रासंगिक हो सकती है और देश में बहुमत वाली सरकार ने राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था में कई संरचनात्मक सुधार करने की क्षमता विकसित की है।
प्रति व्यक्ति सालाना आय 16,000 अमरीकी डाॅलर
देश की जीडीपी में पहला ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य हासिल करने में हमें 58 वर्ष लग गए पर आने वाले 12 वर्षों में ही हम इसमें दूसरा ट्रिलियन जोड़ देंगे। उसके अगले पांच वर्षों में ही हम अपनी जीडीपी में तीसरा ट्रिलियन डॉलर भी जोड़ पाने में सक्षम होंगे। 2050 में भारत की औसत आयु केवल 38 वर्ष होगी, जबकि 1.6 बिलियन की आबादी की प्रति व्यक्ति सालाना औसत आय 16,000 अमरीकी डाॅलर हो सकती है, जो कि वर्तमान की प्रति व्यक्ति आय से करीब 700 प्रतिशत अधिक होगी। भारत में बढ़ते वैश्विक विश्वास के कारण एफडीआई का आंकड़ा भी एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा, '2021 में, भारत में हर 9 दिनों में एक यूनिकॉर्न कंपनी का इजाफा हुआ। इस वर्ष भारत में वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक 48 बिलियन रियल टाइम लेन-देन हुए यह अमेरिका, कनाडा, फ्रांस और जर्मनी कुल लेन-देन के आंकड़े से 6 गुना अधिक था।' अदाणी ने कहा इस वर्ष वेंचर कैपिटल फंडिंग 50 बिलियन अमरीकी डालर से अधिक हो जाएगी और आठ वर्षों में इसमें 50 गुना की तेजी आएगी।
Updated on:
21 Nov 2022 09:56 am
Published on:
21 Nov 2022 09:56 am
