
wedding in rajasthan,
शादियां तो बहुत होती हैं आपके-हमारे घरों में और आस-पड़ोस मेें। सभी को रस्में पूरी करते देखा भी होगा। लेकिन कैसा हो कि जब सिर्फ-दूल्हा दुल्हन ही हों शादी के समय और कुछ नहीं?
मतलब यह कि ना घोड़ी ना बाजा, ना भात ना दहेज और ना ही वर-वधू लेंगे अग्नि को साक्षी मानकर फेरे। यह अनोखी शादी जयपुर के बस्सी में होने जा रही है। प्रेमनगर पुलिया के पास, 11 दिसम्बर को आगरा रोड पर। शादी की रस्म के नाम पर सत्संग और रमैणी (गुरुवाणी) कार्यक्रम होगा।
भगवानदास निवासी गढ़ ने बताया कि समाज में शादियों के नाम पर हो रही फिजूल खर्ची एवं धूम्रपान बंद करने का संदेश देने एवं ज्ञान के आधार पर शादी करने के मकसद से उनकी बेटी अर्चना की शादी सालेटा, थानागाजी निवासी हरसहाय शर्मा के पुत्र प्यारेदास के साथ 11 दिसम्बर को तय की गई है। प्रीतिभोज के नाम पर भंडारा होगा। दोनों पक्ष के लोग ही कबीर पंथ से जुड़े हुए हैं।
भगवानदास ने बताया कि रमैणी कार्यक्रम के बाद शादी को कोर्ट में रजिस्टर्ड करवाई जाएगी। उन्होंने समाज सुधार के लिए यह कदम आवश्यक है।
Published on:
09 Dec 2016 04:40 pm
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