हलफनामे में गलत जानकारी देने का आरोप
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने राजेश लिलोठिया की याचिका पर बीजेपी सांसद हंसराज हंस को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने साथ ही चुनाव आयोग को 2019 लोकसभा चुनाव से संबंधित दस्तावेजों को नष्ट नहीं करने का भी निर्देश दिया है।
उल्लेखनीय है कि हंसराज हंस के खिलाफ राजेश लिलोठिया ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में बीजेपी सांसद हंसराज हंस पर चुनाव हलफनामे में गलत जानकारी देने का आरोप लगाया है। लिलोठिया ने कहा कि हंसराज हंस ने चुनावी हलफनामे में पत्नी पर 2.50 करोड़ रुपए का कर्ज होने की बात कही थी, जो बिल्कुल गलत है। यही नहीं, हंसराज हंस ने अपनी शिक्षा को लेकर भी गलत जानकारी दी।
उत्तर-पश्चिम दिल्ली से सांसद हैं हंस
लोकसभा चुनाव में हंस की जीत के बाद उनके खिलाफ लड़े कांग्रेस प्रत्याशी राजेश लिलोठिया ने कोर्ट में याचिका दायर कर शिकायत की थी कि उन्होंने हलफनामे में गलत जानकारी दी है। कोर्ट ने लिलोठिया की इसी याचिका पर सुनवाई के बाद हंस को नोटिस जारी किया और चुनाव आयोग को भी संबंधित निर्देश जारी किए। दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस जयंत नाथ ने गुरुवार को हंस के खिलाफ नोटिस जारी किया और जवाब मांगा है। कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा कि हंसराज हंस से जुड़े सारे दस्तावेज सुरक्षित रखे जाएं।
गौरतलब है कि बीजेपी ने इस सीट से अपने मौजूदा सांसद उदित राज का टिकट काट कर गायक हंसराज हंस को अपना उम्मीदवार बनाया था। हंसराज ने कांग्रेस के राजेश लिलोठिया और आम आदमी पार्टी के गुगन सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ा था और भारी मतों से जीत दर्ज की थी। भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी उदित राज ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था और वर्ष 2003 में इंडियन जस्टिस पार्टी बनाई थी। वर्ष 2014 में उन्होंने बीजेपी में अपनी पार्टी के विलय की घोषणा की थी। वे 2014 में बीजेपी के टिकट से चुनाव लड़े थे और जीत हासिल की थी।