जयपुर। भारतीय रेलवे ने ई.प्रोक्योरमेंट सिस्टम के माध्यम से वाणिज्यिक आय और गैर-किराया राजस्व अनुबंधों यानी कान्ट्रेक्ट को इलेक्ट्रॉनिक नीलामी ई.ऑक्शन के दायरे में लाने के लिए कदम उठाए हैं। इस प्रक्रिया के प्रारम्भ होने से रेलवे के राजस्व में वृद्धि होने के साथ पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और कार्य दक्षता में वृद्धि हुई है।
जयपुर। भारतीय रेलवे ने ई.प्रोक्योरमेंट सिस्टम के माध्यम से वाणिज्यिक आय और गैर-किराया राजस्व अनुबंधों यानी कान्ट्रेक्ट को इलेक्ट्रॉनिक नीलामी ई.ऑक्शन के दायरे में लाने के लिए कदम उठाए हैं। इस प्रक्रिया के प्रारम्भ होने से रेलवे के राजस्व में वृद्धि होने के साथ पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और कार्य दक्षता में वृद्धि हुई है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी कैप्टन शशि किरण के अनुसार पार्सल, पार्किंग, विज्ञापन, पे एंड यूज प्रसाधन, एटीएम, वातानुकूलित प्रतीक्षालय, गाडिय़ों के अंदर और बाहर विनाइल रैपिंग, रेलवे प्लेटफार्मों पर डिस्प्ले नेटवर्क पर विज्ञापन आदि की इलेक्ट्रॉनिक नीलामी प्रारम्भ कर दी गई है। इससे रियल टाइम आधार पर वाणिज्यिक अनुबंधों की निगरानी में सुधार होगा और दक्षता में सुधार होगा।
रेलवे को हो रही आय
जयपुर मण्डल पर इ-नीलामी के तहत अभी तक वाणिज्यिक आय के 21 अनुबंधों को अवॉर्ड किया गया है। जिसमें रेवाड़ी, सीकर, दौसा,बांदीकुई और फुलेरा स्टेशनों पर पे एंड यूज टॉयलेट के 3 वर्ष के अनुबंध से 17.47 लाख रुपए, 7 ट्रेनों के एसएलआर लीजिंग से 2 वर्ष के लिए 1674 ट्रिप से 2.36 लाख रुपए प्रति ट्रिप, विज्ञापन अनुबंध से 40.38 लाख रुपए और रेवाड़ी, कनकपुरा, फुलेरा, सीकर और गैटोर जगतपुरा स्टेशनों पर 3 वर्ष के लिए पार्किग अनुबंध से 50.26 लाख रुपए की वाणिज्यिक आय प्राप्त की गई है।
इसके साथ ही जोधपुर मंडल पर ई.नीलामी के अनुबंधों से 06 माह के लिए 12.86 लाख रुपए का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ। 12 सितंबर को 07 एसएलआर के लिए ई.नीलामी के ऑफर खोले गए, जिनमें 5 एसएलआर के लिऐ 2 वर्षों के लिए 3.6 करोड़ रुपए की अनुबंध राशि प्राप्त की गई। इसके साथ ही जोधपुर स्टेशन पर टू व्हीलर पार्किंग के लिए ई.नीलामी अनुबंध में 25 लाख रुपए की लाईसेंस फीस के साथ आवंटित किया गया। इसके अतिरिक्त बीकानेर मण्डल पर अभी तक लीजिंग, ऑउट होम, पे एंड यूज टॉयलेट के 25 अनुबंधों की ई.नीलामी से 12.06 करोड़ की आय अर्जित की गई है।
ई.ऑक्शन के लाभ:
- इस पोर्टल के माध्यम से देश में कहीं से भी बोलीदाता रेलवे के किसी भी फील्ड यूनिट की नीलामी में भाग ले सकते हैं।
-कॉन्ट्रेक्ट अवॉर्ड होने के बाद रेलवे को ऑनलाइन भुगतान करने की सुविधा उपलब्ध है। अभी तक यह कार्य मैन्युअल तरीके से होता था,जो एक जटिल प्रक्रिया थी।
-बेहतर निगरानी प्रक्रिया के परिणामस्वरूप ई.ऑक्शन में समय की बचत होती है।
-प्रक्रिया के सरलीकरण के फलस्वरूप निविदा को फाइनल करने में लगने वाले समय में उल्लेखनीय कमी होती है।
-किसी ठेकेदार के असफल होने की दशा में निविदा को तत्काल पुर्नआवंटित करने की सुविधा उपलब्ध है।
-ई.ऑक्शन के परिणामस्वरूप प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण विकसित होने के कारण वाणिज्यिक एसेट्स से प्राप्त होने वाले रेल राजस्व में वृद्धि होगी।
-40 लाख रुपए तक कोई अर्हता मापदंड न होने से स्टाट.र्अप को प्रोत्साहन मिलेगा।