18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Indian women cricketers: भारतीय महिला क्रिकेटरों को मिली प्रशंसकों से जुड़ने में मदद

भारत में हमेशा से ही क्रिकेट को सबसे अधिक महत्व दिया गया है। लंबे समय से पुरुष क्रिकेट ना केवल महिला क्रिकेट बल्कि हमारे देश में हर दूसरे खेल पर भारी पड़ा है। हालांकि, देर से ही सही पर इसमें बदलाव देखने को मिल रहा है, क्योंकि अब महिला क्रिकेट ने भी रफ्तार पकड़ ली है।

less than 1 minute read
Google source verification
Indian women cricketers: भारतीय महिला क्रिकेटरों को मिली प्रशंसकों से जुड़ने में मदद

Indian women cricketers: भारतीय महिला क्रिकेटरों को मिली प्रशंसकों से जुड़ने में मदद

भारत में हमेशा से ही क्रिकेट को सबसे अधिक महत्व दिया गया है। लंबे समय से पुरुष क्रिकेट ना केवल महिला क्रिकेट बल्कि हमारे देश में हर दूसरे खेल पर भारी पड़ा है। हालांकि, देर से ही सही पर इसमें बदलाव देखने को मिल रहा है, क्योंकि अब महिला क्रिकेट ने भी रफ्तार पकड़ ली है। हाल के दिनों में भारतीय महिलाओं द्वारा लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के चलते महिला क्रिकेट ने दुनिया भर में सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। 2017 में एकदिवसीय विश्व कप हो या 2020 में टी20 विश्व कप, भारतीय महिला क्रिकेटर्स दोनों चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंची, जिससे दुनिया ने देखा कि इनमें बहुत दम है। क्रिकेट के मैदान पर महिला खिलाड़ियों के कारनामों के चलते स्टेडियम में जबर्दस्त चीयर और सोशल मीडिया पर फॉलो करके प्रशंसकों द्वारा काफी उत्साह दिखाने को मिला है। भारत की स्टार ऑलराउंडर हरलीन देओल आगामी राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। इसके साथ ही मोना मेशराम कू एप पर प्रशंसकों के साथ सक्रिय रूप से चर्चा कर रही है और खेलों के इस आयोजन में भारत की जीत की संभावनाओं के बारे में पॉजिटिव रुख रखे हुए हैं।
भारत की पूर्व क्रिकेटर रीमा मल्होत्रा, नेहा तंवर और निकिता भुवा स्वदेशी सोशल मीडिया मंच कू एप के बेहतरीन एमएलके फीचर (मल्टी-लिंगुअल कू) का इस्तेमाल करके अपनी मातृभाषा में फैंस और फॉलोअर्स के साथ चर्चा कर रही हैं, जिससे यह सुनिश्चित हो रहा है कि दूर-दराज के लोग अपने पसंदीदा क्रिकेटरों से भाषा की बाधा को तोड़कर जुड़ सकें। सभी को एक साथ जोड़ने वाला यह फीचर, यूजर्स को उनकी मूल भाषा में अभिव्यक्ति के लिए सशक्त बनाता है, जिससे क्रिकेट के खेल को जनता के बीच प्रचारित करने और उन्हें अपने प्रशंसकों के करीब लाने में मदद मिली है।