
जयपुर। जेईसीसी, सीतापुरा में आयोजित राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट के तहत मंगलवार को इंडिया एआई मिशन के परिदृश्य और दृष्टिकोण पर तकनीकी सत्र हुआ। इसमें इंडिया एआइ मिशन की सीओओ कविता भाटिया ने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सार्वजनिक सेवाओं में उपयोग, इंडिया एआइ स्टैक की संरचना तथा शासन-प्रशासन में एआइ के उपयोग की संभावनाओं को लेकर अपनी बात रखी। भाटिया ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में डेटा के आधार पर लोक सेवाओं में पारदर्शिता, गति और प्रभावशीलता बढ़ेगी। पूर्वानुमान के आधार पर आमजन को योग्यता के अनुसार उन्हें सही विकल्प चुनने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि स्टैनफोर्ड एआइ इंडेक्स के अनुसार भारत की रैंकिंग 7वें स्थान से बढ़कर तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। यह उपलब्धि इंडिया एआइ मिशन के शुरू होने के बाद हासिल की गई है। कौशल विकास के क्षेत्र में भारत स्किल पेनिट्रेशन में विश्व में पहले स्थान पर है। भारत में महिलाओं की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) क्षेत्र में भागीदारी अन्य देशों से काफी अधिक है।
सत्र में डेटा साइंस के जीएम स्वदीप सिंह ने बताया कि वैश्विक एआइ मॉडल भारत की सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप नहीं हैं, ऐसे में भारत की ओर से स्वदेशी एआइ फाउंडेशन मॉडल विकसित किया जा रहा है। इसके लिए ‘एआइ कोष’ के माध्यम से देश के डेटा सेट का व्यापक भंडार तैयार किया जा रहा है। कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को सशक्त करने के लिए 38 हजार ग्राफिक प्रोसेसिंग यूनिट तैनात किए गए है।
फ्यूचर स्किल के जीएम कार्तिक सूरी ने बताया कि भारत में एआइ सिक्योरिटी व डीपफेक जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों में एआइ सेफ्टी इंस्टीट्यूट की स्थापना प्रमुख है। इसके अतिरिक्त देशभर में 570 डेटा लैब्स स्थापित की जाएंगी, जिनमें से 25 राजस्थान के टियर-2 और टियर-3 शहरों में स्थापित होंगी।
ग्लोबल एआइ समिट का चौथा संस्करण फरवरी में नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। इसमें दुनिया के विभिन्न देशों के प्रतिनिधिगण, उद्योग जगत की हस्तियां, शिक्षाविद, शोधकर्ता और अंतरराष्ट्रीय संगठन हिस्सा लेंगे। जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से राजस्थान सहित अन्य राज्यों में भी इसकी रीजनल समिट का आयोजन किया जा रहा है।
Published on:
06 Jan 2026 08:48 pm
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