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अब छोड़ भी दीजिए ये लत जनाब, आपको होंगे ये बड़े फायदे

अब छोड़ भी दीजिए ये लत जनाब, आपको होंगे ये बड़े फायदे

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जयपुर

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Rajesh

Jun 26, 2018

drugs

जयपुर

माना जाता है कि लत बुरी चीज है,वो शराब की हो, बीड़ी सिगरेट की या फिर गुटखे की। लोगों को इसे छोड़ने में बड़ी परेशानी होती है। पर आपको बता दें, कि नशा छुड़ाने या लत को दूर करने के लिए कोइ दवा नहीं बनी है। यदि नशे की लत छोड़नी है, तो बस एक उपाय है। यदि आप मन में ठान लें, तभी नशा छोड़ सकते है।

नशीली वस्तुओं और पदार्थों के निवारण हेतु 'संयुक्त राष्ट्र महासभा' ने 7 दिसम्बर, 1987 को प्रस्ताव संख्या 42/112 पारित कर हर वर्ष 26 जून को 'अंतर्राष्ट्रीय नशा व मादक पदार्थ निषेध दिवस' मानाने का निर्णय लिया था। तभी से 26 जून को अंर्ताराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस मनाया जाने लगा। खबरों के मुताबिक राजस्थान में नशा करने वालों की संख्या लगातार बढ़ती ही नजर आ रही है।

गौरतलब है कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बाद राजस्थान में भी शराबबंदी को लेकर पुरजोर तरीके से आवाज उठने लगी थी। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से लगातार शराब को बैन करने की मांग आ रही थी। बता दें कि बाड़मेर में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों ने भी राजस्थान में शराबबंदी के खिलाफ आम आदमी को खड़ा कर दिया था। इतना ही नहीं राजस्थान में पिछले कुछ सालों में मद्यपान करने वाली महिलाओं की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है।

नशा छोड़ने के ये होते है फायदे
नशा छोड़ने से हमारी हेल्थ बहुत अच्छी रहती है। इतना ही नहीं लोग हमारी इज़्ज़त भी करते है , और हमें कोई बीमारियां भी नहीं होती है।


नशे का शिकार होता युवा वर्ग

गौरतलब है कि वर्तमान समय में युवा वर्ग को नशे की बहुत ज्यादा लत लगी हुई है। नशा, एक ऐसी बीमारी है जो कि युवा पीढ़ी को लगातार अपनी चपेट में लेकर उसे कई तरह से बीमार कर रही है। शराब, सिगरेट, तम्‍बाकू एवं ड्रग्‍स जैसे जहरीले पदार्थों का सेवन कर युवा वर्ग का एक बड़ा हि‍स्सा नशे का शिकार हो रहा है। आज के समय नशे करने के कई तरह के मादक पदार्थ बाजार में आ गए है। इन पदार्थो ने युवा वर्ग को पूरी तरह से अपने कब्जे में ले लिया है। नशे ने युवा पीढी को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। युवा पीढी नशे को अपना शौक मानती है। लेकिन इसने युवा वर्ग को नष्ट कर दिया है।

नववर्ष की शुरूआत में दिया जाता है नशा मुक्ति का संदेश

प्रदेश में कई जगह नववर्ष की शुरूआत नशा मुक्ति संदेश के साथ होती है। जिसमें कई जगह अलग—अलग प्रकार के कार्यक्रम करके युवा वर्ग को नशा मुक्ति की शपथ दिलाते है,साथ ही नववर्ष के साथ नशा मुक्ति की ओर कदम बढ़ाएंगे के साथ शुरूआत करते है।