
International Friendship Day 2023: महिलाएं सामूहिक रूप से मना रही व्रत-त्योहार, कर रही सामूहिक सरोकार के काम
जयपुर। दोस्ती एक ऐसा रिश्ता है, जिसे खुद बनाते हैं और यह भावनाओं पर आधारित होता है। आज विश्व मैत्री दिवस है, लेकिन आज की भागती—दौड़ती जिंदगी में इस दोस्ती के रिश्ते को निभाना भी एक बड़ा काम हो गया है। दोस्ती को निभाने के लिए महिलाएं अलग—अलग समूह बनाकर उत्सव जैसे आयोजन कर रही है। वहीं पुरुष दोस्तों के साथ कहीं घूमने जा रहे हैं, सामूहिक गोठ जैसे आयोजन कर रहे है। इससे न केवल दोस्ती निभाई जा रही है, बल्कि सामाजिक, राजनैतिक मुद्दों पर भी चर्चा करने का मौका मिल रहा है।
बात करें राजधानी जयपुर की तो यहां महिलाओं ने दोस्ती निभाने के लिए कई समूह बना रखे है। कॉलोनियों के साथ समाज के ग्रुप बना रखे है, जो अलग—अलग आयोजन कर न केवल दोस्ती निभा रहे है, बल्कि हमारे संस्कार, परंपराओं को भी साकार कर रहे है। कुछ महिला समूह युवा पीढ़ी को भी इसमें जोड़ रही है। इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ पौधरोपण जैसे सामाजिक सरोकार के काम भी किए जा रहे है। वहीं उत्सव व व्रत—त्योहार भी सामूहिक रूप से मना रहे है।
सामूहिक चौथ व्रत का उद्यापन
जगतपुरा निवासी सुलभा सारड़ा कहती हैं कि दोस्ती हमारी संस्कृति, हमारी परंपराओं को निभाने की एक पहल है और इसके लिए महिलाओं का एक समूह बनाकर धार्मिक, सांस्कृतिक जैसे आयोजन किए जा रहे है। इससे हमारी संस्कृति और परंपराओं का प्रचार तो होता ही है, साथ ही दोस्तों के साथ मेल—जोल दोस्ती को प्रगाढ़ करता है। सामूहिक रूप से पौधारोपण करना, सामूहिक रूप से चौथ व्रत का उद्यापन करना जैसे आयोजन किए है। सारड़ा कहती है कि वे इन आयोजनों में युवा पीढ़ी को भी जोड़ रही है, ताकि उन्हें भी हमारी संस्कृति व परंपराओं से जोड़ा जा सके।
सामूहिक आयोजन कर रहे दोस्ती को प्रगाढ़
जनता कॉलोनी निवासी गौरी गर्ग कहती हैं कि दोस्ती एक ऐसा रिश्ता है, जो किसी अन्य पर निर्भर नहीं है। दोस्ती के रिश्ते को निभाने के लिए उन्होंने 70 महिलाओं का एक समूह बना लिया, जो साल भर में कई सामूहिक आयोजन कर रहे हैं। गर्ग कहती है कि विश्व मैत्री दिवस पर दोस्त भले ही मोबाइल पर कनेक्टेड रहते हैं, लेकिन सालभर में छोटे—मोटे सामूहिक आयोजन करके अपनी दोस्ती को प्रगाढ़ कर रहे है। किटी पार्टी हो या लहरिया उत्सव ऐसे आयोजन है, जिनमें दोस्त मिलकर सुख—दुख साझा करती है।
सामूूहिक आयोजन में सुख—दुख की बातों पर चर्चा
आदर्श नगर निवासी श्रुति अग्रवाल कहती है कि दोस्ती एक ऐसा रिश्ता है, जो हम खुद चुनते हैं। दोस्त वह इंसान है, जिसके साथ बिना किसी संकोच, डर के अपनी सुख—दुख की बातें शेयर करते है। सामूहिक आयोजन करके महिलाएं एक—दूसरे के सुख—दुख को साझा करती हैं। सामाजिक मुद्दों पर चर्चा हो जाती हैं। इसके लिए एक समूह बनाकर सालभर कई आयोजन कर रहे है।
Published on:
30 Jul 2023 11:37 am
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