
अंतराष्ट्रीय बालिका दिवस आज- 'गोल्डन बुक ऑफ द अर्थ' में जयपुर की 'गोल्डन गर्ल' लाछी प्रजापति
Rakhi Hajela
हमारे समाज में जहां आज भी लड़कियों को लेकर कहीं ना कहीं सामाजिक असमानता देखने को मिलती है वहीं दूसरी ओर ऐसे पैरेंट्स भी हैं जिन्होंने अपनी बेटियों की प्रतिभा को पहचान कर उसे आगे बढ़ाया और आज उनकी वहीं बेटियां ना केवल उनका बल्कि पूरे शहर और राज्य का नाम देश विदेश में रोशन कर रही हैं। ऐसी ही एक बालिका हैं लाछी प्रजापति जिन्हें गोल्डन गर्ल ऑफ जयपुर कहा जाता है। लाछी केवल राइटर ही नही हैं बल्कि वह एक देश विदेश में अपने भवई और कथक नृत्य की प्रस्तुति दे चुकी बेहतरीन डांसर भी हैं साथ ही नेशनल लेवल की स्पोट्र्स पर्सन, पेंटर, कैलिग्राफी आर्टिस्ट भी हैं और यह सब उन्हें अचीव किया है मात्र १६ साल की उम्र में। पीएम मोदी तक उनसे राखी बंधवा चुके हैं।
गोल्डन बुक ऑफ द अर्थ में बायोग्राफी
गोल्डन गर्ल ऑफ जयपुर के साथ ही यंगेस्ट ऑथर ऑफ द वल्र्ड के नाम से अपनी पहचान बना चुकी १६ साल की लाछी प्रजापत की बायोग्राफी गोल्डन बुक ऑफ द अर्थ में प्रकाशित हुई है। इस बुक में दुनिया की उन १०१ महान व्यक्तियों की बायोग्राफी है जिन्होंने किसी ना किसी रूप में सभी को प्रभावित किया है। लाछी बताती हैं कि इस बुक में 50 देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, अभिनेता, खिलाड़ी, उद्यमी, चिकित्सा, शिक्षक और समाजसेवियों की जीवनी को स्थान दिया गया है।
नौ साल की उम्र में लिखी किताब
केवल ९ साल की उम्र में उनकी पहली किताब सिट व्हाइल विद मी पब्लिश हुई। इस किताब में लाछी की लिखी हुई कविताओं, कहानियों बाल कल्पनाओं का संग्रह है। जिसमें उन्होंने मानवीय संवेदनाओं, मां के प्रति प्रेम, कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए ईश्वर को लिखा एक ममस्पर्शी पत्र बाल सुलभ सुंदर संसार की कोमल और सुंदर भावनाओं का सजीव चित्रण किया गया है। 7वें एशियाड लिटरेचर फेस्टिवल में उन्हें यंगेस्ट ऑथर एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। उन्हें अवॉर्ड उनकी पुस्तक सिट ए व्हाइल विद् मी के लिए दिया गया।
नौ की उम्र में शुरू किया लिखना
लाछी कहती है कि वह चार या पांच साल की उम्र में ही लेखन करने लगी थी। स्कूल में मिलने वाले होमवर्क करने के बाद लिखना शुरू कर देती थी। जब पैरेंट्स को इसका पता चला तो उन्होंने भी मोटिवेट किया। यही वजह थी कि वह वल्र्ड रिकॉर्ड बनाने में कामयाब रही। लाछी की लिखी गई बुक का विमोचन लाछी ने मेनका गांधी ने किया था। ं लाछी ने यह पुस्तक राज्यपाल कल्याण सिंह के साथ.साथ बॉलीवुड एक्ट्रेस हेमामालिनी को भी भेंट की थी। लाछी ने बताया कि इस पुस्तक से मिलने वाली राशि ये कैंसर पीडि़तों के सहायता के लिए समर्पित की है। अब वह अपनी दूसरी किताब लिख रही हैं।
१२५ चरी सिर पर रख बनाया रिकॉर्ड
राइटर होने के साथ ही लाछी भवई और कथक डांसर भी हैं। एक निजी स्कूल में पढऩे वाली लाछी 125 चरी सिर पर लेकर नृत्य करने का भी रिकॉर्ड भी बना चुकी हैं। ना केवल देश बल्कि विदेशों में भी अपनी डांस प्रतिमा की झलक दिखा चुकी लाछी ने दो साल की उम्र से ही डांस करना शुरू कर दिया था।लाछी के मुताबिक चार साल की उम्र में उन्होंने पहली बार स्टेज शेयर की और इसके बाद भवई सीखना शुरू कर दिया। वह अब जानी-मानी कथक गुरु रेखा ठाकर ने कथक सीख रही हैं। संगीत में विशारद कर चुकी हैं साथ ही गाने का शौक भी रखती हैं। लाछी को पंडित विश्व मोहन भट्ट, सोनल मानसिंह सहित देश की जानी मानी हस्तियों के साथ स्टेज शेयर करने का भी मौका मिला है।
पीएम मोदी बंधवा चुके लाछी से राखी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राखी बांध चुकी लाछी उनसे मिलने का संस्मरण सुनाते हुए कहती हैं कि 7वें एशियाड लिटरेचर फेस्टिवल में उन्होंने स्टेज पर पीएम से मिलने की इच्छा जाहिर की थी जिसके कुछ ही दिन बाद उनके पास पीएम ऑफिस से कॉल आया और उन्हें पीएम मोदी से मिलने का अवसर मिला। पीएम से उनसे राखी बंधवाई। वह अपनी किताब पीएम को भी भेंट कर चुकी हैं। लाछी बच्चों को निशुल्क डांस भी सिखाती हैं।
कैलिग्राफी आर्टिस्ट होने केसाथ पिस्टल शूटर भी
लाछी केवल डांसर या राइटर ही नहीं हैं बल्कि बेहतरीन कैलिग्राफी आर्टिस्ट, पेंटर होने के साथ ही पिस्टल शूटर भी हैं। वह ११वीं महाराजा करणी सिंह मेमोरियल१० मीटर एयर पिस्टल शूटिंग नेशनल टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। अपनी सफलता का श्रेय अपने पैरेंट्स को देने वाली लाछी का कहना है कि डांस, राइटिंग, पेंटिंग आदि सब उनका पैशन है, वह भविष्य में आईएएस अधिकारी बनना चाहती हैं जिससे देश की अधिक से अधिक सेवा कर सकें।
Updated on:
11 Oct 2022 09:57 pm
Published on:
11 Oct 2022 08:09 am
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