
जयपुर। प्रदेश को बिजली संकट से उबारने के लिए भजन लाल सरकार ने नई कवायद शुरू की है। ऊर्जा के क्षेत्र के विकास के लिए अब 1.60 लाख करोड़ का निवेश होगा। रविवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में सीएम भजन लाल शर्मा की मौजूदगी में थर्मल और अक्षय ऊर्जा उत्पादन के नए प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश के विद्युत निगमों और केंद्रीय उपक्रमों के बीच पांच एमओयू और एक पावर परचेज एग्रीमेंट(पीपीए) पर हस्ताक्षर किए गए।
माना जा रहा है कि ऊर्जा के क्षेत्र में इतना बड़ा निवेश होने के बाद राजस्थान बिजली उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर बनेगा और राजस्थान को बाहर से बिजली नहीं खरीदनी पड़ेगी। प्रदेश को फिलहाल बाहर से बिजली खरीदनी पड़ रही है जो काफी महंगी है। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर और मुख्य सचिव सुधांश पंत भी मौजूद रहे। वहीं केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह और कोयला मंत्री प्रहलाद जोशी वर्चुअल जुड़े।
भजन लाल ने गहलोत सरकार की आलोचना
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने पूर्ववर्ती गहलोत सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि उनके कुप्रबंधन के चलते प्रदेश में कई बार बिजली संकट गहराया। बिजली कंपनियों पर 90 हजार करोड़ का भार पड़ गया और समय पर ऋण नहीं चुकाने पर 300 करोड़ का जुर्माना भी बिजली कंपनियों को भरना पड़ा। कांग्रेस सरकार के कुप्रबंधन के चलते महंगी दरों पर बिजली खरीदनी पड़ी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी प्रदेश के विकास के लिए बिजली और पानी सबसे महत्वपूर्ण हैं।
सरकार बनने के बाद ही हमने सबसे ज्यादा फोकस इन्हीं पर किया है। प्रदेश में बिजली संकट न गहराए इसके लिए हमने सरकार बनने के बाद ही इस दिशा में काम शुरू कर दिया था। केंद्र सरकार ने हमें कोयले की कमी नहीं आने दी, जबकि पूर्व में राजस्थान और छत्तीसगढ़ दोनों राज्यों में कांग्रेस की सरकार थी, लेकिन कभी कोयला संकट दूर नहीं हो पाया।
कार्यक्रम में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने कहा कि राजस्थान की नई सरकार ने ऊर्जा के मामले में बड़े कदम उठाए हैं, इसके दूरदर्शी परिणाम सामने आएंगे, राजस्थान अब बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनेगा। राजस्थान में अब बिजली संकट नहीं होगा। देश में कोयले की अच्छी मात्रा में उपलब्धता है, राजस्थान में कोयले का संकट नहीं होने देंगे। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि राजस्थान के लिए आज बड़ा दिन है, राजस्थान में बिजली के क्षेत्र में कई एमओयू हुए हैं, राजस्थान अब इस क्षेत्र में आत्म निर्भर हो जाएगा।
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि राजस्थान पहले पावर संकट वाला राज्य कहलाता था। अब प्रदेश एनर्जी सेक्टर में अग्रणी राज्य बनने जा रहा है। इन एमओयू की बदौलत डबल इंजन की सरकार तीव्र गति से जनहित और विकास के काम करेगी।ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि बीते 5 साल में प्रदेश के बिजली घर कोयले के संकट से जूझ रहे थे। 5 साल तक प्रदेश में महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही थी। पहले राजस्थान को कोयला अधिक दर पर मिल रहा था। अब हमारी सरकार के प्रयासों से प्रदेश बिजली उत्पादन में आत्म निर्भर बनेगा।
किस कंपनी का कितना निवेश
-एनटीपीसी- 1 लाख 16 हजार करोड़
-कोल इंडिया- 26 हजार सात सौ करोड़
-एनएलसी-5 हजार 50 करोड़
-पॉवर ग्रिड-10 हजार करोड़
एसजेवीएन- 2250 करोड़ सहित एक लाख 60 हजार करोड़ रुपए का निवेश
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Published on:
10 Mar 2024 09:48 pm
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