पिंक सिटी पेट्रोल पंप की जमीन का मामला, नजूल सम्पत्ति के लिए आईओसीएल ने सरकार के सामने रखी पेशकश
जयपुर . शहर के खासा कोठी के समीप प्राइम लोकेशन पर स्थित पिंकसिटी पेट्रोल पंप की जमीन को लेने के लिए इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) ने सामान्य विभाग प्रशासन (जीएडी) के सामने 16 करोड़ रुपए की पेशकश रखी है। वहीं सरकार इस जमीन को नीलामी से बेचना चाहती है। हालांकि सरकार ने अब तक इस पर कोई निर्णय नहीं किया है।
खासा कोठी सर्किल पर पिंकसिटी पेट्रोल पंप की जमीन का विवाद अभी तक समाप्त नहीं हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनी समिति इस जमीन के प्रकरण को निपटाने के प्रयास में जुटी हुई है। वहीं इस जमीन से बेदखल किए गए आईओसीएल ने करीब म14.50 हजार वर्गफीट जमीन के लिए सरकार के सामने 16 करोड़ रुपए की पेशकश कर रखी है। जबकि सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) का मानना है कि डीएलसी दर से इस जमीन की कीमत करीब 45 करोड़ रुपए से अधिक हैं, ऐसे में इसे 16 करोड़ में नहीं दिया जा सकता है। साथ ही जीएडी के अफसरों का कहना है कि नजूल सम्पत्ति के तहत आने वाली यह जमीन प्राइम लोकेशन के साथ कॉर्नर पर है। ऐसे में इसकी नीलामी से सरकार को करीब 70 से 100 करोड़ रुपए से अधिक मिल सकते हैं।
टल गई बैठक
जमीन पर निर्णय को लेकर दो दिन पहले मुख्य सचिव डी.बी.गुप्ता की अध्यक्षता में बैठक बुलाई गई थी, लेकिन मुख्यमंत्री के साथ मुख्य सचिव किसी कार्यक्रम में व्यस्त होने के चलते
यह बैठक टल गई।
किराए के 6 करोड़ बाकी
सूत्रों ने बताया कि आइओसीएल ने पेट्रोल पंप चलाने के लिए इस जमीन को किराए पर लिया था। कुछ समय तक आइओसीएल ने किराया चुकाया, बाद में यह देना बंद कर दिया। इस पर जीएडी ने पेट्रोल पंप बंद कर जमीन को सीज कर दिया। आईओसीएल पर करीब 6.86 करोड़ रुपए से अधिक का किराया बाकी बताया जा रहा है।