26 मार्च 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ईरान-इजरायल युद्ध से 90 लाख भारतीयों पर संकट, खाड़ी देशों से ऐसे वतन लौट रहे राजस्थान के युवक

अमरीका के सैन्य बेस होने के कारण बहरीन, कुवैत, कतर, यूएई, सऊदी अरब, जॉर्डन, इराक, ओमान, तुर्की, सीरिया सीधे तौर पर प्रभावित हैं। कोई तीन गुना किराया देकर घर पहुंच रहा है, तो कोई तेल के कुओं पर सन्नाटे के बीच अपनी नौकरी बचाने की कोशिश कर रहा है।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Kamal Mishra

Mar 26, 2026

Iran Israel War

खाड़ी देशों में प्रवासी राजस्थानी (फोटो-पत्रिका)

जयपुर। हवा में उड़ते आग के गोले, रद्द होती फ्लाइट्स और छंटनी की आहट..। ईरान-इजरायल युद्ध की चिंगारी ने खाड़ी देशों में रह रहे 90 लाख भारतीयों की रातों की नींद उड़ा दी है। बांसवाड़ा, झुंझुनूं और नागौर के हजारों युवा युद्ध के मुहाने पर खड़े होकर वतन लौटने की जद्दोजहद कर रहे हैं। कोई तीन गुना किराया देकर घर पहुंच रहा है, तो कोई तेल के कुओं पर सन्नाटे के बीच अपनी नौकरी बचाने की कोशिश कर रहा है।

वाया सऊदी अरब लौट रहे हैं कामगार

कुवैत में एयरपोर्ट बंद होने की वजह से वहां काम करने वाले भारतीय कामगारों को बस मार्ग से सऊदी अरब पहुंचाया जा रहा हैं। यहां से वे फ्लाइट से आ रहे हैं। जयपुर से कुवैत की फ्लाइट निरस्त है। कुवैत की गल्फ नेशनल ड्रिलिंग कंपनी में काम करने वाले सुरेश कुमार योगी ने बताया कि उनकी 1 अप्रेल को कुवैत जाने वाली फ्लाइट की टिकट कैंसिल हो गई है।

कुवैत में 30 फीसदी तेल कुओं में उत्पादन बंद

एक तेल कंपनी में रिंग मैनेजर कोटपूतली-बहरोड़ जिले के विराटनगर निवासी अंकित योगी ने कुवैत से फोन पर बताया कि तनाव की वजह से तेल कंपनियों ने प्रोडेक्शन कम कर दिया है। कुवैत में 30 फीसदी तेल कुओं में उत्पादन बंद है।

करीब 90 लाख लाख भारतीय कामगार खाड़ी देशों में

अमरीका के सैन्य बेस होने के कारण बहरीन, कुवैत, कतर, यूएई, सऊदी अरब, जॉर्डन, इराक, ओमान, तुर्की, सीरिया सीधे तौर पर प्रभावित हैं। खाड़ी देशों के भारतीय कामगारों के लिए रोजगार का संकट बढ़ेगा। खाड़ी देशों में करीब 90 लाख भारतीय कामगार हैं।

खाड़ी देशों में भारतीय

  • सऊदी अरब- 25 से 26 लाख
  • कुवैत- 10 से 11 लाख
  • कतर- 7 से 7.5 लाख
  • ओमान- 7 से 7.5 लाख
  • बहरीन- 3 से 3.2 लाख

अन्य संबंधित देशों में भारतीय

  • इजरायल- 20,000
  • जॉर्डन- 20,000
  • तुर्की- 3,000
  • ईरान- 9,000
  • इराक- 200 से 300
  • सीरिया- 100 से कम

लोगों में भय और अनिश्चितता का माहौल

नागौर निवासी आइटी इंजीनियर समीर गौरी ने पत्रिका को बताया कि कतर के शहरों में सामान्य जनजीवन शांत है, लेकिन तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया जा रहा है। इससे अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।

शारजाह में हालात सामान्य

संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह में होटल पर काम करने वाले नागौर जिले के धारणा गांव निवासी लक्ष्मण फरड़ौदा ने बताया कि वहां हालात सामान्य हैं।

जॉर्डन से 45 दिन बाद घर लौटा पचलंगी का हमीद

झुंझुनूं जिले के पचलंगी निवासी हमीद मोहम्मद, जो सऊदी अरब के जॉर्डन के तुरैफ एयरपोर्ट पर चालक के रूप में कार्यरत है। पिछले 45 दिनों से भारत लौटने का प्रयास कर रहा था। भारत लौटने के लिए उसे चार फ्लाइट बदलनी पड़ी। सऊदी अरब में भारत लौटना चाहने वाले लोगों को टिकट मिलने में भारी परेशानी हो रही है।

दुबई ये युवक तीन गुना किराया देकर लौटा

बिसाऊ के सलीम खान दुबई घूमने गया थे, लेकिन वहां हुए मिसाइल व ड्रोन हमलों के कारण 10 दिन तक संकट में फंस गए। आखिरकार ज्यादा किराया देकर वह भारत लौट सका तो परिजनों ने राहत की सांस ली।

काम कम होने और छंटनी की आशंका

कतर के दोहा में एक कम्पनी में प्रबंध संचालक के रूप में कार्यरत झुंझुनूं जिले के विक्रम मिश्रा ने फोन पर हालात बयां करते हुए कहा कि बचपन में रामायण सीरियल में जो दृश्य देखते थे। आसमान में उड़ते तीरों का टकराना और आग का गोला बनना, वैसे ही दृश्य अब हकीकत में सामने देखने को मिल रहे हैं। कंस्ट्रक्शन साइट्स पर काम की रफ्तार धीमी हो गई है। काम कम होने और छंटनी की आशंका से शेखावाटी के लोगों के बीच डर का माहौल है।

बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग