
ACB TRAP
जयपुर।
राजस्थान ACB की गिरफ्त में आए रिश्वतखोर अतिरिक्त आयुक्त (IRS) सहीराम मीणा को लेकर लगातार बड़े खुलासे हो रहे हैं। चाहे सहीराम की संपत्ति को लेकर बात की जाए या लाइफ स्टाइल को वे हर काम में एक कदम आगे निकला।
करोड़ो रुपयों की अकूत संपत्ति का मालिक सहीराम मीणा नोटों का दीवाना माना जा रहा है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की जयपुर टीम ने सिद्धार्थनगर स्थित उसके घर में प्रवेश किया तो देखकर दंग रह गई। आलीशान बंगले में घुसते ही बड़ी तस्वीर लगी मिली। तस्वीर में नोटों की गड्डियां थीं और लिखा था, आइ एम फर्स्ट बिलेनियर। यानी मैं पहला अरबपति।
आइए आपको बताते हैं सहीराम मीणा से जुडी ऐसी बातें जिन्हें जानकर आप भी चौंक जाएंगे।
- एक लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार हुआ सहीराम मीणा के कारनामे बिल्कुल नाम के विपरीत थे। गलत काम करने वाले आरोपी मीणा को नोटों से कितना मोह था। गलत काम कर सबसे अमीर बनने का सपना था। टीम में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि कोटा में कार्रवाई के दौरान पता चला कि आरोपी मीणा रोजाना 10 लाख रुपए जुटाता था। जयपुर आवास पर 2 करोड़ रुपए से अधिक की मिली रकम मात्र 3 माह में जुटाई गई थी।
- एसीबी टीम को कोटा में आरोपी मीणा की एक डायरी मिली है। एसीबी सूत्रों ने बताया कि मीणा नौकरी पर लगा तब से ही डायरी में रिकॉर्ड बना रखा है। डायरी के एक पेज पर लिखा है कि 17 लाख रुपए एक व्यक्ति को डेढ़ रुपए सैकड़ा के हिसाब से उधार दिए हुए हैं। उससे 4 चेक ले रखे थे। एसीबी सूत्रों ने बताया कि डायरी का हर पेज नया राज उगलेगा।
- वाटिका रोड पर मीणा की पत्नी के नाम मैरिज गार्डन है। उसके आसपास रहने वालों ने बताया कि मीणा का गार्डन कल्लावाला गांव की सीमा में है जबकि गार्डन से सटी कृषि भूमि बाढ़ सुखदेवपुरा गांव में है। लोगों ने आरोप लगाया कि मीणा की भूमि के बीच 2 बीघा गोचर भूमि है लेकिन मिलीभगत कर गोचर भूमि को भी परिवर्तित करा लिया। राजस्व रिकॉर्ड में जमीन सिवायचक बताई गई है। हालांकि इसकी जांच होने के बाद ही स्थिति साफ होगी कि भूमि गोचर थी या नहीं।
- भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के हत्थे चढ़े IRS अधिकारी सहीराम मीणा ने जीएसटी पर किताब भी लिखी थी। इस किताब का नाम Need of Tax Reforms in India (New Era of GST) था। इसकी बाजार कीमत 595 रुपए है।
- एसीबी की टीम को मालवीय नगर स्थित एचडीएफसी बैंक में मीणा की पुत्रवधू के बैंक लॉकर में 23 लाख रुपए के गहने मिले हैं।
- मिली जानकारी के अनुसार आरोपी सहीराम मीणा ने अपनी अवैध सम्पत्ति को छुपाने के लिए 15 बैंक खाते खुलवा रखे थे। जिनमे वह अपनी काली कमाई जमा करता था।
- वहीं घूसखोर सहीराम मीणा को लेकर सबसे बड़ा खुलासा ये हुआ है कि सहीराम राजनीति में कदम रखना चाहता था। वहीं ये जानकारी भी सामने आ रही है कि मीणा राजस्थान में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव 2018 में दौसा सीट से चुनाव लड़ना चाहता था और पूरी तैयारी भी कर ली थी। लेकिन वीआरएस मंजूर नहीं होने के कारण उसकी चुनाव लड़ने की मंशा अधूरी रह गई।
Published on:
29 Jan 2019 06:55 pm
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