
ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने 1978 में टेस्ट ट्यूब बेबी और 1996 में डॉली नामक भेड़ का क्लोन बनाकर दुनिया को दंग कर दिया था। अब इजराइल के वैज्ञानिक फैक्ट्री में जीव बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने दुनिया का पहला कृत्रिम भ्रूण तैयार करने का दावा किया है। इसमें जीव का दिल धड़का और दिमाग ने पूरा आकार लिया। वैज्ञानिकों ने इसके लिए निषेचित अंडे व शुक्राणु की जरूरत नहीं पड़ी।
मेडिकल साइंस जर्नल के मुताबिक वेइजमान इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने चूहे के स्टेम सेल ;मूल कोशिका से भ्रूण विकसित किया। स्टेम सेल को कई साल लैब में खास बर्तन में रखा गया। मूल कोशिकाओं को बीकर के अंदर न्यूट्रीएंट सॉल्यूशन में रखकर लगातार घुमाया गयाए ताकि प्लेसेंटा तक पोषक तत्वों की आपूर्ति के लिए रक्त प्रवाह बना रहे। शोध में शामिल प्रोफेसर जैकब हन्ना ने कहा कि यह मेडिकल साइंस के लिए क्रांतिकारी साबित हो सकता है।
शोध के दौरान कृत्रिम भ्रूण आठ दिन तक विकसित होता रहा। इसके बाद सभी प्रारंभिक अंग बन गए। इनमें एक धड़कता हुआ दिलए ब्लड स्टेम सेल सर्कुलेशनए अच्छे आकार वाला मस्तिष्कए न्यूरल ट्यूबए और इंटेस्टाइनल ट्रैक्ट शामिल है। सिंथेटिक मॉडल ने आंतरिक संरचनाओं के आकार और विभिन्न प्रकारों के सेल के जीन पैटर्न में 95 फीसदी तक समानता दिखाई।
अंग प्रत्यारोपण के लिए महत्त्वपूर्ण
एक कोशिका से ही पूरे जीव को विकसित करने की दिशा में यह बड़ी खोज है। अंग प्रत्यारोपण के लिए कोशिकाओं और अंगों के विकास में यह मील का पत्थर साबित हो सकती है। इजराइल के वैज्ञानिकों ने इंसान की आंत में बीमारियां फैलाने वाले बैक्टीरिया क्लेबसिएला न्यूमोनिया से निपटने के लिए दवा भी बनाई है।
Published on:
08 Aug 2022 11:24 pm
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