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सरकारी और निजी क्षेत्र में बढ़ रही जरूरत, डॉक्टर-इंजीनियर बनने में लाखों खर्च हो जाते हैं, सीएस बनने में लाख रुपए भी नहीं लगते: चांडक

प्रत्येक स्तर पर परीक्षा पास करने के बाद छात्र आगे बढ़ते हैं। साथ ही प्रशिक्षण भी अनिवार्य होता है, जिससे छात्रों को व्यावहारिक अनुभव मिलता है।

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जयपुर। भारतीय कंपनी सचिव संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन जी.चांडक ने कहा कि कंपनी सेक्रेटरी एक ऐसा प्रोफेशन है, जिसमें युवा अपना करियर आसानी से बना सकते हैं। डॉक्टर, इंजीनियर बनने के लिए जहां लोगों को लाखों रुपए खर्च करने पड़ते हैं, जबकि सीएस बनने में पूरे एक लाख का खर्च भी नहीं आता है। उन्होंने दावा किया कि आज कंपनी सेक्रेटरी की बहुत डिमांड है। इसका नतीजा यह है कि एक भी सीएस आज बेरोजगार नहीं है।

यह बात उन्होंने आईसीएसआई जयपुर चैप्टर की ओर से आयोजित सेमिनार के दौरान कही। उन्होंने कहा कि 12वीं के बाद छात्र इस कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं। पाठ्यक्रम तीन चरण फाउंडेशन, एग्जीक्यूटिव और प्रोफेशनल में पूरा किया जाता है। प्रत्येक स्तर पर परीक्षा पास करने के बाद छात्र आगे बढ़ते हैं। साथ ही प्रशिक्षण भी अनिवार्य होता है, जिससे छात्रों को व्यावहारिक अनुभव मिलता है। इस दौरान आईसीएसआई जयपुर चैप्टर के चेयरमेन सीएस सुमित कुमार श्योराण ने कहा कि चैप्टर की ओर से कंपनी सचिवों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। इसके तहत बैंकिंग और हेल्थ केयर सेक्टर की कंपनी के साथ अनुबंध किया गया है, जिससे आईसीएसआई के सदस्यों को कई सुविधाएं रियायती दरों पर मिलेगी। सेमिनार में गेस्ट ऑफ ऑनर आईसीएसआई के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष गुप्ता रहे। इस दौरान सेंट्रल काउंसिल मेंबर सीएस मनोज पुरबे, जयपुर चैप्टर के पूर्व चेयरमैन विवेक शर्मा भी मौजूद रहे।

सेमिनार में हुए विभिन्न सत्र, मिली नई जानकारियां

जयपुर चैप्टर के सचिव वरुण मेहरा ने बताया कि कार्यक्रम में आईसीएसआई अध्यक्ष के साथ इंटरैक्टिव सत्र भी आयोजित किया गया। इसमें कंपनी सचिवों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन जी.चांडक से कई सवाल पूछे और अपनी जिज्ञासा शांत की। इसके बाद तकनीकी सत्रों में कंपनी अधिनियम, 2013 से जुड़े नियामकीय बदलावों और अपडेट्स पर विशेषज्ञ जानकारी दी गई। प्रथम तकनीकी सत्र में सीएस राहुल परसरामपुरिया तथा दूसरे तकनीकी सत्र में सीएस विनित चौधरी ने संबोधित किया। दूसरे सेशन में सीएस मनोज माहेश्वरी, सीएस संदीप जैन, सीएस दिवेश गोयल और सीएस जतीन सिंघल ने हिस्सा लिया। इस दौरान नॉर्थ रीजन के सचिव राहुल शर्मा ने बताया कि करियर की दृष्टि से कंपनी सचिव की मांग निजी कंपनियों, बहुराष्ट्रीय कंपनियों, सरकारी उपक्रमों और बैंकिंग क्षेत्र में लगातार बढ़ रही है। एक योग्य सीएस कंपनी के कानूनी मामलों का प्रबंधन, बोर्ड मीटिंग का संचालन और नियमों का पालन सुनिश्चित करता है।