
जयपुर। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने जेल प्रहरी सीधी भर्ती परीक्षा 2018 पेपरलीक मामले में 10 हजार के इनामी वांटेड को मंगलवार को गिरफ्तार किया है। एडीजी वी.के. सिंह ने बताया कि डीग के खूंटेला निवासी दान सिंह को गिरफ्तार किया।
आरोपी का जुलाई 2024 में लाइब्रेरियन के पद पर चयन हुआ और आरोपी बांसवाड़ा के बागीदौरा स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में कार्य कर रहा था। आरोपी को उदयपुर एसओजी की टीम ने पकड़ा।
उन्होंने बताया कि जेल प्रहरी सीधी भर्ती परीक्षा 2018 की ऑनलाइन कम्प्यूटर आधारित परीक्षा अक्टूबर 2018 में विभिन्न परीक्षा केन्द्रों पर हुई थी। एसओजी की टीम ने आर्या कॉलेज कूकस में परीक्षा देकर बाहर आए अभ्यर्थियों के मोबाइल फोन की जांच की, जिसमें परीक्षा से पूर्व रात्रि में ही अभ्यर्थी ओमवीर व राधेश्याम के मोबाइल पर इस परीक्षा की उत्तर कुंजी प्राप्त हो गई थी।
एडीजी सिंह ने बताया कि 28 अक्टूबर 2018 की परीक्षा के पेपर की उत्तर कुंजी परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों के पास पहुंचाकर पेपरलीक किया गया था। इस संबंध में एसओजी में मामला दर्ज किया गया था।
मामले में 15 आरोपी पहले गिरफ्तार किए जा चुके हैं। जांच में सामने आया कि पेपरलीक करने वाला सरगना सोनीपत निवासी अनिल व दिल्ली निवासी आशीष जाट ने गिरोह के सदस्यों के जरिये कोटपूतली स्थित होटल में अभ्यर्थियों को बुलाकर 27 व 28 अक्टूबर 2018 की परीक्षा की सभी पारियों की उत्तर कुंजी उपलब्ध करवाकर चयन करवाया था।
चयन होने वालों में हरेन्द्र सिंह, दीपक मेहता व योगेश को पहले गिरफ्तार किया जा चुका। आरोपी दान सिंह ने अनिल के संपर्क में रहकर अभ्यर्थी हरेन्द्र सिंह व अन्य अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले उत्तर कुंजी उपलब्ध करवाई थी।
Updated on:
29 Jan 2025 08:13 am
Published on:
29 Jan 2025 08:13 am
