
जयपुर. फागी के पास माधोराजपुरा में अवैध बजरी परिवहन को रोकने के लिए लगाया गया नाका निजी लोगों के हवाले है। नाका पर खनन विभाग और पुलिस के लोग भी तैनात होने थे, लेकिन नाका पर निजी लोग तैनात हैं। इससे नाका पर तैनात निजी व्यक्ति और बजरी माफियाओं के बीच टकराव की स्थिति पनपने लगी है। टकराव के कारण स्थानीय लोग भी शिकार बन रहे हैं। इसके चलते शनिवार दिन दहाड़े माधोराजपुरा में दो पक्षों में खूनी संघर्ष हुआ। पांच लोग घायल भी हुए और वाहन भी आग के हवाले कर दिए। जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक शंकर दत्त शर्मा ने कहा कि क्षेत्र में खनन विभाग के कर्मचारी पुलिस बल लेकर नाका लगवा सकते हैं। लेकिन निजी व्यक्तियों को नाका लगाने की मंजूरी नहीं होगी। खनन विभाग जहां भी नाका लगवाना है, वहां के लिए पुलिस बल मांग साकता है। ताकि अवैध बजरी परिवहन करने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई हो सके।
ड्रोन और सैटेलाइट भी फेल
सेवानिवृत्त पुलिस अफसर राजेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि खनन विभाग ने ड्रोन और सैटेलाइट के जरिए अवैध खनन को रोकने के दावे किए थे। अवैध खनन को शुरुआत वाले स्थान पर ही रोक दिया जाए तो नाको की जरूरत नहीं पड़े। ड्रोन और सैटेलाइट से आसानी से अवैध खनन पर नजर रखी जा सकती है। शेखावत ने बताया कि नाकों पर संबंधित विभाग के लोग ही तैनात होने चाहिए, जिससे पुख्ता कार्रवाई हो सके। निजी व्यक्ति वाहनों को पकड़कर वसूली करने के बाद छोड़ देंगे। इससे अराजकता का माहौल पनपेगा।
सरकार को भी नुकसान
- निजी व्यक्तियों के नाको पर लगने पर अवैध बजरी परिवहन पकड़े जाने पर जब्ती की कार्रवाई नहीं हो रही
- खनन विभाग और पुलिस के साथ पट्टाधारक के लोग नाकों पर तैनात होने से अवैध बजरी परिवहन करने वालों के वाहन जब्त होंगे और सरकार को भी आय होगी
खनन विभाग ने यह जारी किए आदेश
खनन विभाग ने 6 जुलाई 2021 को आदेश जारी किया, जिसमें प्रदेश में जहां बजरी खनन नहीं हो रहा और वहां अवैध बजरी परिवहन रोकने के लिए खनन विभाग के कर्मचारी पुलिस का सहयोग लेकर नाका लगाएं और पट्टाधारक का भी सहयोग ले सकते हैं। खनन विभाग ने आदेश में बताया कि जहां बजरी खनन हो रहा है। केवल नदी क्षेत्र में स्वीकृत खनन पट्टा धारकों द्वारा बजरी परिवहन के मुख्य मार्ग व लिंक सड़कों पर चेकपोस्ट लगाने का अनुमोदन किया था।
Published on:
19 Sept 2021 09:30 pm
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