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महिला नर्सिंगकर्मी ने चिकित्सक बनकर मांगे बेहोशी के इंजेक्शन, रिपोर्ट नहीं मिलने पर पुलिस ने स्वतंत्र किया

अधीक्षक बोले, ऩशे के लिए करती है उपयोग , दूसरी बार इंजेक्शन लेने आई तब पकड़ा

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कविता-कैसे बनेगी बात भला

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जयपुर. गणगौरी अस्पताल में महिला नर्सिंककर्मी ही चिकित्सक बनकर बेहोशी के इंजेक्शन ले रही थी। नशे की लत पूरी करने के लिए महिला नर्सिंगकर्मी फिर से इंजेक्शन लेने पहुंची, तब अस्पताल स्टाफ ने उसको पकड़ लिया।
अस्पताल के अधीक्षक डॉ रामबाबू शर्मा ने बताया कि मरीजों की छोटी सर्जरी और कम समय के लिए बेहोशी करने के लिए एक इंजेक्शन लगाया जाता है। इससे नशा भी होने जैसा महसूस होता है। अस्पताल में तीन दिन पहले एक महिला आई और उसने खुद को उसी अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ बताया कर रेजिडेंट से उक्त इंजेक्शन मांगा। नहीं देने पर अस्पताल स्टाफ को धमकाया, लेकिन बाद में नर्सिंग स्टाफ को धमकाकर दो इंजेक्शन ले गई। महिला शनिवार को फिर अस्पताल आई, तब उस पर शक हुआ। अस्पताल स्टाफ ने महिला को बातचीत कर खड़े रखा और पुलिस को सूचना दे दी। मौके पर आई पुलिस ने महिला से पूछताछ की तो उसने खुद को जयपुरिया हॉस्पिटल में नर्सिंककर्मी बताया और उक्त इंजेक्शन से नशा करने की लत लगना बताया है।

रिपोर्ट नहीं दी तो स्वतंत्र किया

एसीपी मेघचंद मीना ने बताया कि अस्पताल से सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। लेकिन अस्पताल प्रशासन ने महिला के खिलाफ कोई रिपोर्ट नहीं दी। इसके चलते नियमानुसार महिला को स्वतंत्र कर दिया।