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औद्योगिक जगहों पर जल, वायु प्रदूषण की स्थिति का आंकलन करने के लिए विशेष कवायद

प्रदेश में औद्योगिक जगहों पर जल, वायु प्रदूषण की स्थिति का आंकलन करने तथा फैक्ट्रियों में स्थापित अधिक मशीनों की जांच करने के लिए जनवरी के दूसरे सप्ताह से अभियान की शुरूआत होगी।

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जयपुर

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Murari

Jan 02, 2023

जयपुर। प्रदेश में औद्योगिक जगहों पर जल, वायु प्रदूषण की स्थिति का आंकलन करने तथा फैक्ट्रियों में स्थापित अधिक मशीनों की जांच करने के लिए जनवरी के दूसरे सप्ताह से अभियान की शुरूआत होगी। मंडल अधिकारियों के मुताबिक एनजीटी के निर्देश के बाद भिवाड़ी, भीलवाड़ा, बालोतरा, चित्तौड सहित अन्य जगहों पर सबसे पहले यह अभियान शुरू होगा। फैक्ट्रियों में जाकर वहां उपयोग किए जाने वाले ईंधन की जानकारी ली जाएगी। फिलहाल बालोतरा सहित अन्य जगहों पर सबसे ज्यादा शिकायतें मिल रही है।


यह दिए जाएंगे निर्देश

जानकारी के मुताबिक कपड़ा उत्पादन के लिए बॉयलर, फेटबेल्ट मशीन समेत अन्य मशीनों में उपयोग होने वाले ईधन के बारे में जानकारी लेकर एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। रोटेशन के दौरान बंद इकाइयों के वॉल्व खुले मिलने और हौदियों के ओवरफ्लो होने की बढ़ती घटनाओं के बीच प्रत्येक कपड़ा उद्योग के बाहर सीसीटीवी लगाना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही प्रत्येक उद्योग के लिए क्लोजर का रजिस्टर संधारण होगा। फैक्ट्रियों में ज्यादा मशीनें मिलने पर संचालकों को इसकी अनुमति लेने के लिए नोटिस देने की तैयारी भी की जा रही है।

इनका रखना होगा ध्यान

मंडल के पर्यावरणविदों के मुताबिक कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) का संचालन अब प्रशिक्षित प्रोफेशनल्स ही करेंगे। इस सीईटीपी का संचालन करने वाले ट्रस्ट या अन्य संस्थाओं को भी इसके लिए कंपनी बनानी होगी या कंपनी में तब्दील करना होगा। इकाइयां तय मात्रा में ही पानी इन पाइपों को जरिए छोड़ सकेंगे। दस केएलडी से कम पानी निस्तारित करने वाली इकाइयों को मैकेनिकल और इससे अधिक मात्रा में पानी निस्तारित करने वालों को इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगाने होंगे।