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हादसे से सबक….जांच में लूणी से मारवाड़ जंक्शन के बीच 56 जगह कमजोर मिली पटरी

सूर्यनगरी ट्रेन हादसे के बाद रेलवे ने जांची पटरी, रेलमंत्री ने दिए थे पटरी की जांच के आदेश

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देवेन्द्र सिंह राठौड़

जयपुर. सूर्यनगरी एक्सप्रेस हादसे से सबक लेकर अब रेलवे जोधपुर मंडल के मारवाड़ जंक्शन से लूणी स्टेशन के बीच रेलमार्ग पर पुरानी पटरी हटाकर नई पटरी बिछाएगा। कारण कि वजह है कि गत दिनों हुई जांच में इस रेलमार्ग पर बिछी पटरी की पोल खुल गई है। कई स्थानों पर पटरी काफी कमजोर मिली है। उनमें गड़बड़ी भी पाई गई है। मामला ये है कि 2 जनवरी को तड़के 3 बजे बांद्रा टर्मिनस से जोधपुर जा रही सूर्यनगरी एक्सप्रेस ट्रेन के 13 डिब्बे पाली से करीब 20 किमी पहले बोमादड़ा- राजकियावास रेलवे स्टेशन के बीच बेपटरी हो गए। इसमेें तीन डिब्बे पलट गए थे। ट्रेन में सवार 26 यात्री घायल हुए थे। इस दौरान रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने पटरी में अंदरूनी क्रेक देखने के बाद रेलमार्ग पर बिछी पटरी व पटरी के पूरे स्लॉट की जांच के आदेश दिए। यह जिम्मेदारी सीआरएस को सौंपी। इसके बाद इस रेलखंड की पटरी की अल्ट्रा सोनिक फ्लो डिटेक्टर मशीन से जांच की गई। जिससे गड़बड़ी पाई गई है। भविष्य में ऐसा रेल हादसा दोबारा न हों। इसके लिए रेलवे ने लूणी से मारवाड़ जंक्शन रेलमार्ग पर बिछी पुरानी पटरी को बदलने की तैयारी में जुट गया है।


यों सामने आई गड़बड़ी

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि लूणी से मारवाड़ जंक्शन के मध्य रेलमार्ग पर बिछी पटरियों की गहनता से जांच की गई। जिसमें 99 किलोमीटर रेलमार्ग पर 56 स्थानों पर पटरी में गड़बड़ी मिली। कई जगह पटरी कमजोर पाई। प्रथमदृष्टता उन्हें दुरुस्त कर दिया गया है। जिससे ऐसा हादसा दोबारा न हों। अब ज्यादा सख्ती से मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने बताया कि अन्य रेलमार्ग पर पटरियों की मॉनिटरिंग की जा रही है।


अन्य जोनल रेलवे में भी हो रही जांच


सामने आया कि जो पटरी यहां बिछी हुई है। उसके स्लॉट में करीब 1900 किमी. पटरी बिछाई गई है। जो उत्तर पश्चिम रेलवे के अलावा अन्य जोनल रेलवे के रेलमार्गों पर भी बिछी है। उनकी भी जांच की जा रही है।