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टाइगर रिजर्व में मॉनिटरिंग फेल, अब तक 15 बाघ-बाघिन गायब !

एक वर्ष से गायब है बाघ एसटी 13, रणथम्भौर से लापता बाघ-बाघिन का नहीं लगा सुराग

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देवेन्द्र सिंह राठौड़

जयपुर. राज्य में बाघों के बढ़ रहे कुनबे पर सरकार और वन विभाग के अफसर वाहवाही लूटते रहते हैं, लेकिन उनकी मौत और गायब होने पर चुप्पी साध लेते हैं। इन दिनों ऐसा ही हो रहा है। सरिस्का, रणथम्भौर मेें बाघों की मॉनिटरिंग में घोर लापरवाही हो रही है। इससे वनमंत्री भी अनभिज्ञ नजर आए। इस कारण वन्यजीव प्रेमियों की चिंता बढ़ी हुई है। दरअसल, वन विभाग के अफसरों की सुस्ती बाघों पर भारी पड़ रही है। आए दिन बाघों के जंगल से गायब होने की घटना सामने आ रही हैं। पता चला कि रणथम्भौर नेशनल पार्क में पांच वर्ष में 13 बाघ-बाघिन लापता हो चुके हैं। सरिस्का टाइगर रिजर्व से एक वर्ष पहले गायब हुए बाघ की भी अब तक कोई जानकारी नहीं लग पाई। अफसर इन बाघों का सुराग तक नहीं जुटा पाए। यहां से एक बाघ एसटी 24 लापता हो गया था, दो माह बाद जमवारामगढ़ के जंगल में इसके होने की सूचना मिली लेकिन अभी तक उसे देख नहीं पाए हैं। कैमरे के भरोसे देख रहे हैं। दो वर्ष पूर्व मुकुंदरा टाइगर रिजर्व से भी पांच बाघ गायब हो गए थे। कुछ दिन बाद में इनके भी शव मिले थे। इस संबंध में गत वर्ष विधानसभा में भी विपक्ष ने आवाज उठाई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

ये बाघ-बाघिन हैं लापता

रणथम्भौर से टी47, टी 42, टी 72, टी 62, टी 95, टी 6, टी 23, टी 126, टी 20, टी64, टी 92, टी 73, टी 97 व टी 100 शामिल हैं। हाल ही करौली से बाघिन टी 118 भी कुछ दिन से गायब है। सरिस्का से एसटी 13 भी लापता है।

यह भी आया सामने

सरिस्का, रणथम्भौर, मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में गत 5 वर्ष में 20 से ज्यादा बाघों की मौत हो चुकी। 3 बाघों के रणथम्भौर में शिकार होने की भी बात आई थी सामने। 5 वर्ष में रणथम्भौर में 90 शिकारियों को दबोचा जा चुका है। 5 संदिग्ध गत दिनों सरिस्का टाइगर रिजर्व में रात को घूमते कैमरा ट्रैप में नजर आए थे।

50 करोड़ के सर्विलांस सिस्टम पर भी सवाल

बाघ व पैंथरों की मॉनिटरिंग के लिए भाजपा सरकार ने 50 करोड़ रुपए खर्च कर वाइल्ड लाइफ सर्विलांस एंड एंटी पोचिंग सिस्टम लागू किया था। जंगलों में कैमरे लगाए गए थे। कई दावे किए गए थे। वे भी अब कागजी साबित हो रहे हैं।

बाघ कहां जाएंगे

बाघों के गायब होने की जानकारी नहीं मिली। वे जंगल से कहां जाएंगे। वन अधिकारियों की भी इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली, अब मिलेगी तो, जरूर कार्रवाई करेंगे। हेमाराम चौधरी, वन मंत्री