जयपुर। देश के प्रमुख एयरपोर्ट में शुमार जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानि (सीआईएसएफ) एयरपोर्ट सुरक्षा में शुक्रवार तीन फरवरी को अपने 23 साल पूरे किए। इस मौके पर टर्मिनल दो पर विभिन्न गतिविधियां हुई। कार्यक्रम के तहत सीआईएसएफ की उपलब्धि, कार्य करने की शैली के बारे में जानकारी दी गई। इसके बाद मुख्य अतिथि गृहविभाग के प्रमुख सचिव आनंद कुमार की मौजूदगी में ध्वजारोहण हुआ। कमांडेट नरपत सिंह ने क्रियाकलापों पर प्रकाश डालते हुए जवानों की हौंसला अफजाई की। सफलता का केक काटा गया। डॉग स्क्वायड, बीडीएस द्वारा एयरपोर्ट पर डेमो दिया गया। इस दौरान जवानो ने कौशल का परिचय दिया।
गौरतलब है कि जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश का पहला एयरपोर्ट था, जहां सबसे पहले सीआईएसएफ ने सुरक्षा के लिए मोर्चा संभाला। 25 दिसंबर 1999 को कंधार की विमान हाइजेक घटना के बाद वर्ष 2000 में तीन फरवरी को सीआईएसएफ को जयपुर एयरपोर्ट सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई। सीआईएसएफ ने जयपुर सहित अन्य सुरक्षा अड्डे पर अन्य एयरपोर्ट पूर सुरक्षा का बारीकी से जिम्मा संभाला है। सुरक्षा कंपनियों के आलाधिकारी, एयरलाइन कंपनियों के प्रमुख, एयरपोर्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विष्णु मोहन झा , राकेश कुमार, चरण सिंह सहित अन्य आलाधिकारी मौजूद रहे।
बढ़ रहा दिनोंदिन यात्रीभार
कोरोना के बाद से निजीकरण होने पर लगातार जयपुर एयरपोर्ट पर कई बदलाव नजर आ रहे हैं। स्वरूप निखरने के साथ विमानों की संख्या, यात्रीभार में तेजी से इजाफा देखने को मिल रहा है। कमांडेट ने कहा कि पूरा सफर शांतिपूर्ण रहा। आगे भी चुनौतियों का सामना करने के लिए टीम तैयार है। सुरक्षा, जांच, निगरानी सहित अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरे तन मन से जवानों ने बखूबी किया है। शाम को सीआईएसएफ यूनिट लाइन पर सेरेमनी होगी।