जयपुर. खुदा की जायदाद के रखवाले वक्फ बोर्ड में बीते साल नई वक्फ कमेटियों को शामिल किया है। जब से नई कमेटी को लेकर मुस्लिम संगठनों का विरोध भी हुआ है। दरअसल अब भी नई कमेटियां बोर्ड के नियमों को नहीं मान रही है। ऐसे में वक्फ बोर्ड अब कमेटियों को नोटिस देकर हिसाब सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारी देने के लिए रिकॉर्ड लेगा। नागौर, चूरू, अजमेर, सीकर, झुंझूनू समेत अन्य जगहों पर प्रदेश की कई ऐसी वक्फ कमेटियां हैं, जिनमें नई वक्फ कमेटियां गठित की है। इधर बोर्ड अध्यक्ष खानू खान बुधवाली का कहना है कि इस साल बोर्ड की बैठक अप्रेल में होने के बाद ओर नई कमेटियों को जोड़ने की पूरी कवायद है।
26 जिलों में संपत्त्यिां
बोर्ड की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सना खान ने बताया कि प्रदेश के 26 जिलों में वक्फ की बेशकीमती जमीनों का किराया बोर्ड को नहीं मिल रहा। एमआइरोड, दिल्ली रोड पर भूमाफियों का कब्जा था। इस बड़ी मुश्किल से बोर्ड ने अपने हाथ में लिया। बीते कई साल में पुरानी वक्फ कमेटियों के चलते भ्रष्टाचार का अंदेशा भी यहा विभागीय मिलीभगत के कारण सामने आ रहा है।
विकास कोष गठन से बदलेंगे हालात
हाल ही राज्य सरकार ने वक्फ सम्पत्ति संरक्षण योजना के लिए पांच करोड़ रुपए, आधारभूत संरचना विकास कार्यों के लिए 34 करोड़ रुपए और जनसहभागिता के आधार पर आधारभूत संरचना विकास कार्यों के लिए 10 करोड़ रुपए का वित्तीय प्रावधान किया गया है। इससे वक्फ बोर्ड को मजबूती मिलेगी। जनसहभागिता आधारित संरचना विकास कार्यों में ऐसी वक्फ सम्पत्तियों का संरक्षण होगा जहां 10 प्रतिशत जनसहभागिता हिस्सा राशि प्राप्त हो जाती है। योजना में वे सभी वक्फ संपत्तियों पात्र होगी, जो राजस्व रिकॉर्ड / राजस्थान वक्फ बोर्ड में वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज हैं तथा योजना के तहत नवीन धार्मिक संपत्तियों का निर्माण कार्य शामिल नहीं होगा।