
जयपुर. राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने भीलवाड़ा में अपहरण कर गैंग रेप के मामले में स्पष्टीकरण जारी किया है। पुलिस महानिदेशक उमेश मिश्रा ने कहा कि महिला ने अपहरण करने की बात झूठी बताई थी। आरोपी महिला के पहले से परिचित थे और महिला स्वयं की मर्जी से उनके साथ गई थी। आरोपी रातभर महिला को अपने साथ रोकना चाह रहे थे, जिससे घबराकर महिला को निर्वस्त्र भागना पड़ा। आरोपियों ने महिला से उसकी मर्जी के खिलाफ संबंध बनाए। महिला से रेप की घटना हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस मुख्यालय ने रविवार को प्रेस नोट जारी किया, जिसमें बताया कि उड़ीसा निवासी 25 वर्षीय पीडि़त महिला की दलाल के जरिए 6 वर्ष पहले 50 वर्षीय दिव्यांग से शादी हुई थी। महिला से 9 सितम्बर की शाम को गंगापुर के आमली निवासी छोटू सरगरा ने 7 बजे से लेकर 7.51 तक मोबाइल पर बात की और उसने रुपए तय कर महिला को बुलाया। आरोपी छोटू बाइक पर महिला को बैठाकर ले जा रहा था, तभी रास्ते में दूसरा आरोपी गिरधारी मिला। दोनों आरोपी महिला को आमली रोड स्थित खण्डहर में ले गए और उसके साथ बलात्कार किया।
फिर रातभर रुकने की जिद करने लगे
आरोपी गिरधारी महिला का पहले से परिचित था और उसने महिला को रातभर वहीं रुकने के लिए कहा। महिला पति के डर के कारण जाना चाहती थी, लेकिन आरोपी जबरन उसे वहां पर रोक रहे थे। तब महिला निर्वस्त्र वहां से भाग निकली। सड़क किनारे पहुंचने पर राहगीरों ने महिला को कपड़े देकर पुलिस को सूचना दी। महिला ने पूछताछ में बताया कि झूठी कहानी इसलिए बताई कि सही घटना का पता चलने पर पति उसको छोड़ देगा। अभी मामले में अनुसंधान जारी है।
Published on:
10 Sept 2023 10:00 pm
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