जयपुर। प्रदेश में पिछले 24 घंटे में ब्रेक के बाद मेघ जयपुर समेत कई जिलों में जमकर बरसे। भादो में सावन जैसी बरसात होने पर गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिली। वहीं खेतों में चौपट होने के कगार पर पहुंची फसलों को भी मानों संजीवनी मिल गई। बारां और झालावाड़ जिले के कुछ इलाकों में सुबह से झमाझम बारिश का दौर जारी रहा।
बंगाल की खाड़ी में बने कम वायुदाब क्षेत्र के असर से प्रदेश के दक्षिण पूर्वी और पश्चिम के कुछ भागों में मानसून सक्रिय रहा। जयपुर में देर शाम अचानक बादल छाए और करीब एक घंटे तक मूसलाधार बारिश से शहर में कई स्थानों पर जलभराव हो गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो तीन दिन प्रदेश के करीब 20 से ज्यादा जिलों में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने का पूर्वानुमान है।
बारिश से हवा में नमी बढ़ने पर मौसम में हल्की ठंडक भी महसूस हुई। जयपुर समेत कई जिलों में रात के तापमान में आंशिक गिरावट दर्ज हुई। जयपुर शहर में सुबह आसमान साफ रहा और हवा की रफ्तार भी थमी रही लेकिन नमी बढ़ने के कारण धूप के तीखे तेवर भी नर्म रहे।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में नागौर, जोधपुर, बीकानेर,जैसलमेर, चूरू, झालावाड़, बारां जिलों में
मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई है।
जयपुर, अजमेर और टोंक जिले की लाइफ लाइन बीसलपुर बांध में पिछले 24 घंटे में जलस्तर 313.74 आरएल मीटर पर स्थिर रहा। हालांकि तीनों जिलों में रोजाना जलापूर्ति के चलते बांध के जलस्तर में रोजाना एक सेंटीमीटर तक गिरावट होती है लेकिन सहायक नदियों से बांध में धीमी रफ्तार से पानी की आवक बनी हुई है। जिसके कारण जलापूर्ति के बाद भी बांध का जलस्तर फिलहाल स्थिर रहा है।
बांध की कुल जलभराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर है।