
बैकुंठनाथजी का 150 साल में पहली बार नहीं भरेगा मेला
बैकुंठनाथजी का 150 साल में पहली बार नहीं भरेगा मेला
— सोढाला में है बैकुंठनाथजी का मंदिर, नहीं भरेगा मेला
— मंदिर खुलेगा, दर्शनों के लिए एक बार में सिर्फ 25 श्रद्धालु ही कर पाएंगे प्रवेश
जयपुर। कार्तिक शुक्ल चतुर्दशी (Karthik Shukla Chaturdashi) पर रविवार को इस बार सोढाला स्थित बैकुंठनाथजी मंदिर (Baikunthanathji Temple) में मेला नहीं भरेगा, हालांकि भक्त दर्शन कर सकेंगे। इसके लिए एक बार में सिर्फ 20 से 25 लोगों को ही प्रवेश दिया जाएगा। भक्त बैकुंठनाथजी के परिक्रमा (Baikunth Nath Parikrama) नहीं लगा पाएंगे। कोरोना संक्रमण को देखते हुए मंदिर में परिक्रमा पर पाबंदी लगा रखी है।
मंदिर के पुजारी राजेन्द्र शर्मा ने बताया कि बैकुंठीनाथजी का मंदिर राजस्थान में सिर्फ एक ही है। यह मंदिर सोढाला में करीब 150 साल पहले बनवाया गया है। इस मंदिर को रावल फतेहसिंह की याद में बनवाया गया था। यहां चारभुजा के रूप में भगवान विष्णु और लक्ष्मीजी विराजमनान है। पुजारी ने बताया कि हर साल कार्तिक शुक्ल चतुर्दशी पर यहां मेला भरता है। इस बार कोरोना संक्रमण को देखते हुए मंदिर में कार्तिक का मेला नहीं भरेगा। श्रद्धालु सिर्फ ठाकुरजी के दर्शन कर सकेंगे। एक बार में 25 श्रद्धालुओं को ही मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करनी होगी। श्रद्धालु बैकुंठीनाथजी के परिक्रमा नहीं लगा पाएंगे। मंदिर में परिक्रमा पर रोक पूरे कार्तिक माह रही है।
मंगला आरती के साथ सुबह 5 बजे खुलेंगे दर्शन
बैकुंठीनाथ भगवान के दर्शन रविवार को सुबह 5 बजे मंगला आरती के साथ खुलेंगे। पुजारी राजेन्द्र शर्मा ने बताया कि सुबह 7 बजे अभिषेक होगा। इसके बाद सुबह 11 बजे भोग आरती होगी। मंदिर शाम 7 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा।
Published on:
28 Nov 2020 07:17 pm
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