
jaipur Bomb Blast 2008: एक धमाका और आंखों के सामने हो गई तीन बहनों की मौत, अपना पैर भीगंवाया
जयपुर। 13 मई 2008 को जयपुर में सीरियल बम ब्लास्ट हुए 11 साल 7 महीने हो गए, लेकिन इसमें मिले घाव आज तक नहीं भर पाए। सीरियल बम ब्लास्ट में सैकड़ों लोग घायल हो गए, कई लोगों ने अपनी जान गवाई। इस आतंकी घटना में 71 लोगों की मौत हुई थी, 185 लोग घायल हुए थे। धमाकों के निशां आज भी लोगों की यादों में, घायलों के शरीर पर और वहां स्थित खंभों व दीवारों पर नजर आते हैं।
आज भी पांव में आठ—दस छर्रे धंसे हुए हैं
जौहरी बाजार नेशनल हैण्डलूम के पास पताशी का ठेला लगाने वाले विनोद सिंह वहां हुए धमाके में अपना एक पैर गंवा चुके हैं। आज भी उसके दूसरे पांव में आठ—दस छर्रे धंसे हुए हैं। उन्होंने बताया कि उस दिन बड़ी चौपड़ से तीन बहनें वहां आई थी। तभी बड़ी चौपड़ पर तेज आवाज हुई, तीनों बहनें उनसे इसके बारे में पूछ ही रही थी। तभी अचानक पास ही में एक और धमाका हुआ। जिससे उन तीनों की मौत हो गई। आज भी उनके पताशी के ठेले, भगोनी और थाली में धमाकों के अवशेष नजर आते हैं।
इस धमाके में मरने वाली तीन बहनें सुमेरा खान, असमा खान व एनी खान आदर्श नगर स्थि त धन्नादासजी की बगीची की रहने वाली थी। इनके पिता लियाकत अली खान से जब बात करने की कोशिश की तो वे बस केवल इतना ही कह पाएं कि फैसला कुछ भी हो, हमारे जो चले गए उनकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकती।
गौरतलब है कि मामले में लखनऊ और दिल्ली से कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। जयपुर के गुनहगारों पर कोर्ट में बुधवार को सुनावाई हुई। जहां चार को दोषी करार दिया गया, वहीं एक को संदेह के आधार पर बरी कर दिया।
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Published on:
18 Dec 2019 12:18 pm
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