22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Jaipur Bomb Blast : जिंदा बम मामले में जेल की सलाखों के पीछे हैं आरोपी, फिर चार्जशीट पेश

Jaipur Bomb Blast : राजस्थान की राजधानी जयपुर में वर्ष 2008 में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के जिन आरोपियों को हाईकोर्ट ने बरी कर दिया था, उनके खिलाफ राजस्थान एटीएस ने और सबूत जुटाए हैं।

2 min read
Google source verification
Jaipur Bomb Blast

Jaipur Bomb Blast : राजस्थान की राजधानी जयपुर में वर्ष 2008 में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के जिन आरोपियों को हाईकोर्ट ने बरी कर दिया था, उनके खिलाफ राजस्थान एटीएस ने और सबूत जुटाए हैं। आरोपियों को बरी करने वाले आदेश में हाईकोर्ट ने जो खामियां गिनाई थीं, उनकी पूर्ति के साथ ही एटीएस ने कई पुख्ता जानकारियां जुटाई हैं। इन सबूतों के साथ एटीएस ने एक और चार्जशीट (पूरक) बम धमाकों की स्पेशल कोर्ट में सोमवार को पेश की है। मामले में अभी एटीएस में नौ आरोपियों के खिलाफ जांच लम्बित है।

आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन ने 13 मई, 2008 को राजधानी में सिलसिलेवार विस्फोट किए थे। इसमें 71 लोगों की जान चली गई थी। शहर की बम धमाकों की स्पेशल कोर्ट ने आरोपियों को 20 सितम्बर, 2019 को फांसी की सजा सुनाई थी। आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील की थी। कोर्ट ने सुनवाई के बाद 29 मार्च दिए आदेश में गिरफ्तार चारों आरोपियों को बरी कर दिया था। इस आदेश में कोर्ट ने एटीएस की जांच में कई खामियां गिनाई थीं। विस्फोट के अलावा आरोपियों के खिलाफ एक और मामला दर्ज था। चांदपोल बाजार में एक बम जिंदा मिला था। इस मामले में अभी बम धमाकों की स्पेशल कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इसी मामले में एटीएस ने पूरक चार्जशीट पेश की है।

पूरक चार्जशीट में ये जुटाए गए साक्ष्य

1. बम रखने के लिए साइकिल जहां से खरीदी गई किशनपोल स्थित उस दुकान के मिस्त्री के बयान लिए गए।

2. साइकिल की दुकान पर पड़ताल करने गए तत्कालीन पुलिस निरीक्षक राजेन्द्र सिंह नैन के बयान लिए गए।
3. वर्ष 2008 में दिल्ली व गुजरात में हुई आतंकी घटनाओं के सम्बंधित सत्यापित रिकॉर्ड लिया गया। इसमें आरोपियों के मोबाइलों का डेटा, जिंदा बम की एफएसएल रिपोर्ट व उनकी यात्रा से सम्बंधित दस्तावेज शामिल हैं।

4. सीरियल बम ब्लास्ट के लिए जयपुर आने व जाने के सबूत जुटाए। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सैल की ओर से जब्त रेलवे आरक्षण स्लिप जयपुर एटीएस ने प्राप्त की। इसमें स्पष्ट है कि आरोपियों ने 13.05.2008 को अजमेर शताब्दी ट्रेन में छद्म नाम से यात्रा की।
5. दिल्ली स्पेशल टीम ने बाटला हाउस से मोहम्मद सैफ की फोटो लगी आईडी बरामद की थी, जिसपर राहुल शर्मा नाम लिखा था। अभियुक्त मोहम्मद सैैफ ने जयपुर सीरियल बम ब्लास्ट में प्रयुक्त छर्रे चांदनी चौक से खरीदना बताया था। उस दुकान से बिल बरामद किया गया। राजस्थान एटीएस ने खरीद के प्रमाणित साक्ष्य जुटाए हैं।

चार्जशीट से पहले इनके बयान शामिल करने के लिए अर्जी
1. चार्जशीट से पहले इनके बयान के लिए कोर्ट में अर्जी धमाकों के बाद आतंकियों ने एक मीडिया ग्रुप के प्रशांत टंडन को मेल किया था।

2. एटीएस के तत्कालीन एडीजी एके जैन।
3. आरोपी सैफुर को गिरफ्तारी के समय सीजेएम भोपाल के यहां पेश किया था। उस समय उसने अपने को जयपुर और फैजाबाद धमाकों में जुड़ा होना बताया था। मजिस्टे्रट के बयान भी शामिल करने का प्रार्थना पत्र पेश किया है।

इनके खिलाफ पेश की गई पूरक चार्जशीट

धारा 121 ए, 124 ए, 153ए, 307, 120 बी आईपीसी, 4, 5, 6 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 एवं 13, 18 विधि विरुद्ध क्रिया कलाप (निवारण) अधिनियम 1967 में तितम्बा आरोप पत्र
1. सैफुर उर्फ सैफुर्रहमान अंसारी निवासी बदरका, आजमगढ ़, उत्तरप्रदेश 2. मोहम्मद सैफ उर्फ कैरीऑन उर्फ राहुल शर्मा निवासी संजरपुर, आजमगढ़ 3. शहवाज अहमद उर्फ शानू उर्फ इन्तखाब उर्फ शहवाज हुसैन निवासी मोहल्ला कटरा बाजार, भदौही उत्तरप्रदेश 4. मोहम्मद सरवर आजमी उर्फ ढीला पप्पू निवासी चांदपट्टी, आजमगढ़