पहलगाम आतंकी हमले में जान गंवाने वाले जयपुर के नीरज उधवानी के बड़े भाई किशोर उधवानी ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा कि 'थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन जो चला गया, वो वापस नहीं आएगा'।
22 अप्रैल की दोपहर पहलगाम में हुए आतंकी हमले में जयपुर के नीरज उधवानी की सांसे हमेशा के लिए थम गई थी। जिसने एक खुशहाल परिवार की दुनिया उजाड़ दी। जयपुर के मूल निवासी नीरज उधवानी (34) अपनी पत्नी आयुषी के साथ छुट्टियां मनाने 21 अप्रैल को भारत आए थे और अगले ही कश्मीर यात्रा पर चले गए।
नीरज उधवानी के बिछड़ने के गम से परिजन अब तक नहीं उबर पाए हैं। आतंकी हमले में भाई को खोने का दर्द अब भी शूल रहा है। हालांकि भारतीय सेना ने मंगलवार देर रात ऑपरेशन सिंदूर के जरिये जिस तरह पाकिस्तान में ड्रोन-मिसाइलों से हमला किया, उससे राहत जरूर मिली है।
इस दुखद घटना के बाद परिवार टूट चुका है। मां की आंखें अब तक बेटे को तलाश रही हैं। कब रूलाई फूट पड़े कहा नहीं जा सकता। पत्नी सदमे में है, बड़े भाई किशोर के अनुसार भाई अब हमारे साथ नहीं है और यही बात हमें हर पल तोड़ती रहती है।
नीरज के बड़े भाई किशोर उधवानी का कहना है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन जो चला गया, वो वापस नहीं आएगा। बस अब यही उम्मीद है कि ऐसे हमले फिर न हों।’’ उन्होंने कहा कि आतंकियों के ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया गया। टीवी पर जो कुछ देखा उससे दिल को सुकून पहुंचा।
पहलगाम में 22 अप्रैल की दोपहर हुए आतंकवादी हमले में 27 लोगों की मौत हुई थी। 20 से ज्यादा लोग घायल गए थे। यह हमला उस वक्त किया गया, जब बैसरन घाटी में बड़ी तादाद में पर्यटक मौजूद थे। मृतकों में राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और ओडिशा के पर्यटक शामिल थे। वहीं, नेपाल और UAE के एक-एक टूरिस्ट और 2 स्थानीय लोग भी मारे गया था।