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Rajasthan: 41 दिन मौन तपस्या के ऐलान के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में साधु की मौत, 9 दिन पहले सोशल मीडिया पर डाली थी ये पोस्ट

राजस्थान के सामोद थाना क्षेत्र में गोरखनाथ मंदिर के साधु हीरानाथ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। 41 दिन की मौन तपस्या का ऐलान करने के बाद उनके शव का बरामद हुआ।

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Sadhu Dies

कानपुरा घाटी के गोरखनाथ मंदिर में जांच करती पुलिस और मृतक साधु हीरानाथ की फाइल फोटो: पत्रिका

Sadhu Dies Under Suspicious Circumstances: सामोद थाना क्षेत्र की कानपुरा घाटी बुधवार को उस समय सनसनी का केंद्र बन गई, जब गोरखनाथ मंदिर के पुजारी का तीन-चार दिन पुराना शव मंदिर के एक बंद कमरे से बरामद हुआ। सोशल मीडिया पर 41 दिन की मौन तपस्या का ऐलान करने के बाद पुजारी की मौत ने पूरे इलाके में रहस्य और सवाल खड़े कर दिए हैं।

मृतक की पहचान चूरू जिले की तारानगर तहसील के ग्राम सारण निवासी पुजारी हीरानाथ के रूप में हुई है। बताया गया कि वह करीब 20 साल पहले घर छोड़कर साधु जीवन अपना चुका था और पिछले दो वर्षों से कानपुरा घाटी स्थित गोरखनाथ मंदिर में रहकर पूजा-अर्चना कर रहा था।

बुधवार सुबह मंदिर के कमरे से दुर्गंध आने पर ग्रामीणों को अनहोनी की आशंका हुई। सूचना पर सामोद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। कमरे के भीतर पुजारी का शव फर्श पर पड़ा मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर चौमूं के राजकीय उपजिला अस्पताल की मोर्चरी भिजवाया और एफएसएल टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए।

मोबाइल पर नहीं आई कोई कॉल

सहायक उपनिरीक्षक मदन सामोता ने बताया कि कमरे की कुंदी अंदर से बंद थी। शव के गले में कपड़े का फंदा मिला, जिसका एक सिरा टीन शेड में लगी लोहे की गाटर से बंधा हुआ था। प्रारंभिक जांच में शव तीन से चार दिन पुराना प्रतीत हो रहा है।

मोबाइल रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि 27 जनवरी की शाम 8 बजे तक ही कॉल इनकमिंग और आउटगोइंग हुई थी, इसके बाद मोबाइल बंद रहा। वहीं 27 जनवरी को हीरानाथ ने सोशल मीडिया पर 41 दिनों की मौन तपस्या शुरू करने की जानकारी साझा की थी और किसी भी तरह का व्यवधान न डालने की अपील की थी।

कानपुरा में दी समाधि

पुलिस के अनुसार मृतक का कोई निकट परिजन नहीं आए है। शव कानपुरा निवासी एवं प्रशासक प्रतिनिधि व नाथ समाज के लोगों को सौंपा गया है। शाम को समाज के लोगों ने समाधि दी। मौन तपस्या के बारे में हनुमानगढ़ के उनके गुरु से भी ग्रामीणों ने चर्चा की थी।

20 साल पहले छोड़ा घर

मृतक ने करीब 20 साल पहले अपने गांव चूरू जिले की तारानगर तहसील के ग्राम सारण को छोड़ दिया था। उसके बाद से वह मंदिरों में पूजा-पाठ करने लगा। ग्रामीणों ने बताया कि यहां दो साल से पूजा-पाठ कर रहा था, लेकिन संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। मौन तपस्या की पोस्ट और बंद कमरे में मिले शव ने कई सवाल खड़े कर दिए। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं।