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जयपुर के इस बाजार ने बनाई राजस्थानी पहनावे के रूप में पहचान, इलेक्ट्रोनिक्स व इलेक्ट्रिक का बड़ा बाजार

Jaipur City Market: फिल्म कॉलोनी के नाम से प्रसिद्धि पाने वाले नेहरू बाजार ने आज राजस्थानी पहनावे, जयपुरी जूतियां, रजाई, बेडशीट्स के अलावा इलेक्ट्रोनिक्स व इलेक्ट्रिक मार्केट के रूप में अपनी पहचान बनाई है।

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नेहरू बाजार ने बनाई राजस्थानी पहनावे के रूप में पहचान, इलेक्ट्रोनिक्स व इलेक्ट्रिक का बड़ा बाजार

नेहरू बाजार ने बनाई राजस्थानी पहनावे के रूप में पहचान, इलेक्ट्रोनिक्स व इलेक्ट्रिक का बड़ा बाजार

जयपुर। फिल्म कॉलोनी के नाम से प्रसिद्धि पाने वाले नेहरू बाजार ने आज राजस्थानी पहनावे, जयपुरी जूतियां, रजाई, बेडशीट्स के अलावा इलेक्ट्रोनिक्स व इलेक्ट्रिक मार्केट के रूप में अपनी पहचान बनाई है। इस बाजार में देश—दुनिया से लोग खरीददारी करने आते है। बाजार में जयपुरी कुर्तियां, शर्ट, जयपुरी जूतियां, डिजाइनर हैंड वर्क बैग से लेकर जयपुरी डिजाइनर कपड़े, चूड़ियों की खरीदारी होती है।

नेहरू बाजार में करीब 200 दुकानें है, इलेक्ट्रोनिक्स व इलेक्ट्रिक का यह सबसे बड़ा बाजार है। इसके साथ ही यहां जयपुरी जूतियों की करीब 15 से अधिक दुकानें है। रेडीमेड गारमेंट की करीब 50 दुकानें है। जयपुरी रजाई, मोजरी, घरेलू सामान, बैग, उपहार, जूते आदि की कई दुकानें है। बाजार में प्रसिद्ध लस्सी वाला, कचोरी वाला, फलुदे वाला, आइसक्रीम और रेस्टोरेंट्स के साथ ढाबे भी है, लेकिन बाजार अब सरकार की अनदेखी का शिकार हो रहा है।

बाजार में खास
200 दुकानें है नेहरू बाजार में
175 से अधिक व्यापारी है इस बाजार में
राजस्थानी गारमेंट बना बाजार की पहचान

बाजार जुड़े मार्केट
नेहरू बाजार के साथ कई मुख्य बाजार जुड़े हुए हैं। रेडियो मार्केट और दवा मार्केट यहां का सबसे बड़ा बाजार है। इसके साथ ही किशनपोल बाजार, बापू बाजार, इंदिरा बाजार और चौड़ा रास्ता भी बाजार से जुटे हुए है।

बाजार की समस्या
ई-रिक्शा की भीड़, पार्किंग समस्या, बाजार के बरामदे में अतिक्रमण
नेहरू बाजार में दिनों—दिन समस्या बढ़ती जा रही है। ई-रिक्शा और पार्किंग की समस्या से व्यापारी सबसे अधिक परेशान है।
दिनभर बाजार में ट्रैफिक जाम जैसे हालात रहते है।
बाजार में हेरिटेज लाइटें लगाई गई, लेकिन रोशनी कम होने से बाजार में अंधेरा रहता है।
नेहरू बाजार के कॉर्नर पर अजमेरी गेट पर दुकानों से व्यापारी परेशान है।

व्यापारियों की मुख्य मांग
इंदिरा बाजार और नेहरू बाजार के बीच की चैन को हटाया जाए, जिससे बाजार में ग्राहकों का आवागमन हो सके।
बाजार में टूटे बरामदे ठीक किए जाए, बरामदों से पानी टपकता है, उसकी फिर से मरम्मत हो।

खरीददारी के लिए आते है देशी—विदेशी पर्यटक
नेहरू बाजार व्यापार मंडल अध्यक्ष अतुल आहूजा का कहना है कि परकोटे का मुख्य बाजार होने के साथ ही यहां जयपुरी जूतियां, रजाई और राजस्थानी ड्रेस का बड़ा मार्केट है, जहां रोजाना देशी—विदेशी पर्यटक खरीददारी के लिए आते है। बाजार में हेरिटेज लाइटें भी लगाई गई, लेकिन कम रोशनी से कोई काम नहीं आ रही है। बाजार में प्रवेश द्वार भी समस्या से जकड़े हुए है। बाजार के कंगूरे टूटे हुए है।

दिनभर बाजार में जाम जैसे हालात
नेहरू बाजार व्यापार मंडल महामंत्री कपिल भाटिया का कहना है कि नेहरू बाजार राजस्थान का सबसे बड़ा इलेक्टोनिक्स व इलेक्ट्रीक का बाजार है। यह बाजार बच्चों की ड्रेस के लिए भी जाना पहचाना जाता है। यहां बड़ा दवा बाजार है, लेकिन पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं होने से दिनभर बाजार में जाम जैसे हालात रहते है। बरामदों पर वाटर प्रूफ छत डाली गई, लेकिन अब वह बेकार हो गई।

ग्राहकों का आवागमन नहीं हो पा रहा
दुकानदार राजेश खन्ना का कहना है कि अजमेरी गेट पर कट बंद करने से बाजार में ग्राहक आने से बच रहा है। इससे ग्राहकों का आवागमन नहीं हो पा रहा है। वहीं न्यू गेट पर बत्ती का समय कम होने से भी लोग बाजार में आने से बचते है। यहां चौड़ा रास्ता के जैसे ही समान रूप से बत्ती का समय हो तो बाजार में ग्राहक आने लगे और दुकानों पर ग्राहकी बढ़ सके।