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3 वर्ष….3 थाने….89 बलात्कार, महिलाएं लाचार या पुलिस?

महिला अत्याचार घटने की बजाय बढ़ रहा है, खासकर बलात्कार के मामलों में पिछले तीन वर्षों की समीक्षा की जाए तो हर वर्ष बलात्कार के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं, जबकि पुलिस हर वर्ष दावा करती है, कि अपराध घटाए जाएंगे, लेकिन वर्ष दर वर्ष पुलिस का यह दावा खोखला साबित होता है।

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बस्सी। महिला अत्याचार घटने की बजाय बढ़ रहा है, खासकर बलात्कार के मामलों में पिछले तीन वर्षों की समीक्षा की जाए तो हर वर्ष बलात्कार के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं, जबकि पुलिस हर वर्ष दावा करती है, कि अपराध घटाए जाएंगे, लेकिन वर्ष दर वर्ष पुलिस का यह दावा खोखला साबित होता है। जयपुर जिले के बस्सी सर्किल के बस्सी, कानोता व तूंगा पुलिस थानों की बात जाए तो तीन वर्ष में इन पुलिस थानों में 89 महिलाएं बलात्कार का शिकार हुई हैं। इन तीनों पुलिस थानों में बलात्कार के सर्वाधिक मामले कानोता थाने में दर्ज हुए हैं। यानि तीनों पुलिस थानों में तीन वर्ष में 89 मामले दर्ज हुए थे उनमें से अकेले कानोता थाने में ही 52 मामले दर्ज हुए।

कानोता थाने में बलात्कार के सर्वाधिक मामले

बस्सी पुलिस थाने की बात की जाए तो वर्ष 2021 में 7 महिलाएं बलात्कार का शिकार हुई थी, जबकि वर्ष 2022 में 6 महिलाएं, तो वहीं वर्ष 2023 में बलात्कार के 9 मामले दर्ज हुए हैं। यानि बस्सी थाने में तीन वर्षों में 22 महिलाएं बलात्कार का शिकार हुईं। इसी प्रकार कानोता थाने में वर्ष 2021 में 9 महिलाएं बलात्कार का शिकार हुई थी। जबकि वर्ष 2022 में 19 महिलाएं तो वर्ष 2023 में बलात्कार के 24 मामले दर्ज हुए हैं। यानि कानोता थाने में तीन वर्षों में 52 महिलाएं बलात्कार का शिकार हुईं हैं। इसी प्रकार तूंगा थाने में वर्ष 2021 में 3, वर्ष 2022 में 8 तो 2023 में 4 महिलाएं बलात्कार का शिकार हुई थी। यानि तीन वर्षों में तूंगा थाने में 15 महिलाओं के साथ बलात्कार हुआ।

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इतनों में ही हुआ चालान

यदि बात बस्सी थाने की बात जाए तो, तीन वर्षों में जितने बलात्कार के मामले दर्ज हुए हैं, उनमें से पुलिस ने 8 मामलों में ही चालान पेश किया है और 12 मामलों को झूठा बता कर अदम वकु में एफआर पेश कर दी है। इसी प्रकार कानोता थाने में भी इन तीन वर्ष में 18 मामलों में ही चालान पेश किया है, जबकि 18 मामलों में अदम वकु में एफआर लगा दी है, जबकि 16 मामलों की अभी तक जांच चल रही है। तूंगा थाना पुलिस ने 10 मामलों में ही चालान पेश किया है, जबकि 3 में एफआर पेश कर दी है। ( कासं )








































थानाबलात्कारचालानएफआइआरजांच
बस्सी228122
कानोता52181816
तूंगा151032
कुल89363320

वहीं इस पूरे मामले पर पत्रिका ने पुलिस से सवाल किया। जिसका जबाव देते हुए एसपी बस्सी, फूलचंद मीना ने कहा कि पुलिस अपराध कम करने का हरसंभव प्रयास कर रही है।महिला अत्याचार के मामले में पुलिस बहुत गम्भीर है। पुलिस ने अपराध रोकने के लिए पहले से काफी कंट्रोल किया है। आगे भी पुलिस अपराध पर नियंत्रण का पूरा प्रयास कर रही है।

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