
पिंक सिटी जयपुर में आज से मदिराप्रेमियों को खाली हाथ लौटना पड़ सकता है। राजस्थान लिकर वेलफेयर सोसाइटी के आह्वान पर शहर के तमाम शराब ठेकेदारों ने अपनी दुकानें बंद रखने का ऐलान किया है। यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से पुलिसिया हस्तक्षेप और दुकान बंद करने के समय को लेकर है। व्यापारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक दुकानें नहीं खुलेंगी।
सोसायटी के अध्यक्ष नीलेश मेवाड़ा के अनुसार, वर्तमान नियम के मुताबिक शराब की दुकानें रात 8 बजे तक खुलने का प्रावधान है। लेकिन आरोप है कि पुलिसकर्मी शाम 7:30 बजे से ही दुकानों पर पहुंचकर शटर गिराने का दबाव बनाना शुरू कर देते हैं।
हड़ताल का दूसरा बड़ा कारण हाल ही में जारी हुई संशोधित आबकारी नीति है। भजनलाल सरकार ने नई नीति में कई कड़े प्रावधान किए हैं:
शराब कारोबारियों की एक मांग दुकानों को बंद करने के निर्धारित समय को लेकर भी है। उनकी मांग है कि दुकान बंद करने का समय रात 8 बजे से बढ़ाकर 10 या 11 बजे किया जाए, ताकि वे घाटे से उबर सकें।
जयपुर शहर में लगभग 350 शराब की दुकानें हैं। इन सभी के बंद होने से न केवल आम जनता को परेशानी होगी, बल्कि सरकार को मिलने वाले राजस्व (Revenue) को भी प्रतिदिन करोड़ों का नुकसान होगा।
लिकर एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि जयपुर में उनकी सुनवाई नहीं हुई, तो इस आंदोलन को पूरे राजस्थान में फैलाया जाएगा।
दूसरी तरफ, पुलिस प्रशासन का तर्क है कि रात 8 बजे के बाद शराब की दुकानों के बाहर जमावड़े से कानून-व्यवस्था (Law & Order) बिगड़ती है और अपराधों में बढ़ोतरी होती है। आबकारी विभाग अब बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा है ताकि राजस्व का नुकसान न हो।
Published on:
16 Feb 2026 10:03 am
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