
Jaipur Tanker Blast: राजधानी जयपुर के अजमेर रोड पर भांकरोटा के पास शुक्रवार को हादसे ने सबको झकझोर कर रख दिया। इस घटना ने शासन-प्रशासन की आंखे खोल दी तो हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए अफसरों पर कार्रवाई नहीं करने का कारण पूछा। शुरुआती तौर पर इस हादसे में 14 लोगों की मौत की खबर सामने आ रही थी। लेकिन अब इस घटना में मौतों के आंकडे में कमी आई है।
दरअसल, प्रशासन इस हादसे में 14 लोगों की मौत में 5 अज्ञात शव होने का बात कही थी। वहीं, 31 गंभीर घायल होने का आंकड़ा पेश किया था। लेकिन जब पांच शवों की पहचान सैंपल डीएनए जांच के लिए भेजे गए तो पता चला कि यह चार लोगों के ही शव हैं। एक आदमी के धड़ और ऊपर वाला हिस्सा अलग हो गया था। वह दो बन गए थे।
उन चार में से दो लोग आइडेंटिफाई हो गए हैं। पहला रिटायर्ड आइएएस करणी सिंह राठौड़ की बेटी सुमन का सैंपल मैच करने के लिए भेजा गया था। इसी तरह एक अज्ञात संजेश यादव का सैंपल भी मैच हो गया। इसके लिए उसके भाई इंद्रजीत का सैंपल मिला था। दो और सैंपल किसी और के हैं। ट्रक चालक प्रदीप कुमार के पिता ज्ञान सिंह का डीएनए सैंपल उनसे मैच नही हो पाया।
एफएसएल निदेशक डॉ. अजय शर्मा ने बताया कि डीएनए जांच के लिए 25 वैज्ञानिकों की टीम लगाई गई। जिसने 24 घंटे में दो मृतकों की पहचान कर ली। इसमें रिटायर्ड आइएएस करणी सिंह और ट्रेलर चालक संजेश यादव के डीएनए का मिलान कर दोनों की पुष्टि कर दी।
Updated on:
22 Dec 2024, 2:43 PM IST
Published on:
22 Dec 2024, 12:21 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.