
अब ठाकुरजी को लगेगा गर्म तासीर व्यंजनों का भोग, पहनेंगे गर्म दस्ताने व जुराब
अब ठाकुरजी को लगेगा गर्म तासीर व्यंजनों का भोग, पहनेंगे गर्म दस्ताने व जुराब
- ठाकुरजी को लगाया छप्पन भोग, खानपान में किया बदलाव
- ठाकुरजी के गर्भगृह में चले हीटर, अंगीठी
जयपुर। मार्गशीर्ष शुक्ल द्वादशी पर शनिवार को व्यंजन द्वादशी (Vyanjan Dvadashi) मनाई गई। मंदिरों में ठाकुर जी को छप्पन भोग लगाया गया। इसके साथ ही शहर के मंदिरों में ठाकुर जी के पहनावे और खानपान में भी बदलाव हुआ। अब ठाकुरजी को गर्म तासीर व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा, वहीं सर्दी से बचाने के लिए पोशाक में भी बदलाव कर दिया गया। अब ठाकुरजी को हाथों में ऊनी दस्ताने और पैरों में जुराब तथा गले में मफलर धारण कराया जाएगा। गर्भगृह में अंगीठी भी जलाई जाएगी। सर्दी कम होने तक यह सेवा निरंतर जारी रहेगी।
शहर के आराध्य गोविंददेवजी मंदिर में महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में छप्पन भोग की झांकी सजाई गई। ठाकुरजी के समक्ष विभिन्न प्रकार के व्यंजनों से भरे थाल सजाए गए। इस अवसर पर ठाकुरजी को पीली और केसरिया रंग की अंगरखी पोशाक धारण कराई गई। ठाकुर जी को सर्दी से बचाने के लिए हाथों में ऊनी दस्ताने और पैरों में जुराब तथा गले में मफलर धारण कराया गया। गर्भगृह में अंगीठी भी जलाई गई।
मोती डूंगरी गणेशजी मंदिर में गजानन महाराज के छप्पन भोग लगाए गए। मंदिर महंत कैलाश शर्मा के सान्निध्य में गजानन महाराज के छप्पन भोग झांकी सजाई गई। इससे पहले गजानन महाराज का अभिषेक किया गया। अब गजानन महाराज को सर्दी की मखमल पोशाक धारण करवाई जाएगी, गणेशजी महाराज के हीना और मेहंदी इत्र अर्पित किया जाएगा। गजानन महाराज के बाजारे का चूरमा और खीचड़े का भोग लगाया जाएगा।
सुभाष चौक पानों का दरीबा स्थित सरस निकुंज में महंत अलबेली माधुरी शरण के सान्निध्य में पकवानों की झांकी सजाई गई। सरस परिकर के प्रवक्ता प्रवीण बड़े भैया ने बताया कि ठाकुर राधा सरस बिहारी सरकार की राजभोग झांकी में सकरीए अनसकरी सामग्री और गुड़-तिल के व्यंजनों का विशेष भोग अर्पित किया गया।
अब ठाकुरजी का यह होगा पहनावा
सर्दी में ठाकुर जी को जामा पोशाक में गोटा पारचा और ऊनी वस्त्र तथा शॉल धारण करवाई जाएगी। प्रतिदिन सुबह गर्म पानी से स्नान तथा केसर युक्त जल से श्रृंगार होगा। ठाकुर जी हाथों में दस्ताने और चरणों में मोजे धारण करेंगे। मंगला एवं शयन झांकी में रजाई ओढेंगे। साथ ही युगलवर के समक्ष ठंड से बचाव के लिए गर्भगृह में अंगीठी रखी जाएगी।
भोग में अब ये होंगे शामिल
ठाकुरजी को बाजरे के खीचड़ेए रेवड़ीए गजकए तिलपट्टीए बाजरे के चूरमेए गाजर का हलवाए गोंद.तिल के लड्डू सहित विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा।
Published on:
26 Dec 2020 08:53 pm
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