Greater Nagar Nigam Jaipur: जयपुर ग्रेटर नगर निगम की साधारण सभा की बैठक में मोदी मोदी व अशोक गहलोत के नारे लगे। इतना नहीं अपने ही पार्षदों के निशाने पर रही मेयर सौम्या गुर्जर, वहीं 'पर्ची' पर हंसी—ठिठोली से शुरू हुई बैठक में पार्षदों के बीच धक्का—मुक्की व हाथापाई की भी नौबत आ गई। इस बीच महिला पार्षद रो पड़ी।
जयपुर। सालभर के लंबे अंतराल के बाद गुरुवार को जयपुर ग्रेटर नगर निगम की साधारण सभा की बैठक 'पर्ची' पर हंसी—ठिठोली के साथ शुरू हुई, लंच के बाद हंगामा, धक्का—मुक्की व शोर—शराबे में बदल गई। इस बीच महिला पार्षद सदन में रो पड़ी और धरने पर बैठ गई। महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर को सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। इस बीच सदन में पार्षदों ने मोदी—मोदी और अशोक गहलोत के नारे भी लगे। पूरी बैठक के दौरान महापौर विपक्षी पार्षदों के बजाय 'अपनो' के निशाने पर रही। महापौर सौम्या गुर्जर ने बोर्ड बैठक के एजेंड़ों को जयपुर की दशा और दिशा बदले वाले और विजनरी बताए। करीब सवा 8 घंटे बोर्ड बैठक चलने के बाद रात करीब 8.15 बजे स्थगित कर दी गई। अब साधारण सभा की बैठक अब 27 जून को होगी।
जयपुर ग्रेटर निगम की साधारण सभा की बैठक तय समय से 20 मिनट देरी से सुबह 11.52 बजे शुरू हुई। लंच तक सामुदायिक केन्द्रों में अत्याधुुनिक सुविधाएं विकसित करने, गर्मी में उनहें विश्राम स्थल बनाने, शमशान घाट में नि:शुल्क गौ—काष्ठ उपलब्ध कराने, सर्किल, डिवाइडर, चौराहों को गोद देने, निगम की ओर से खेल अकादमी खोलने, ग्रीन बॉन्ड जारी करने के साथ निगम मुख्यालय में ट्रीपल बेसमेंट पार्किंग विकसित करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। महापौर सौम्या गुर्जर के निर्देश पर पर्ची पर पार्षदों ने अपने सुझाव रखें। तीन बजे तक 7 प्रस्ताव पारित हो गए।
लंच के बाद फिर से बैठक शुरू हुई तो निर्दलीय पार्षद स्वामी परनामी ने मेयर को घेरते हुए कहा कि पहले जो बैठके हुई उनके प्रस्ताव क्या विजनरी नहीं थे, वार्ड की बात नहीं कर सके तो हम जयपुर शहर की बात क्यों करें। इस पर पार्षद विकास बारेठ ने कहा कि हम यहां सदन में पूरे शहर के विकास की बात कर रहे हैं। इस पर परनामी ने आपत्ति दर्ज करवाई तो दोनों में कहासुनी और तू तू मैं मैं हो गई। दस मिनट तक दोनों के बीच बहस होती रही। अन्य पार्षदों ने बीच बचाव किया तो हंगामा हो गया। वहीं कांग्रेसी पार्षद भी खड़े होकर विकास बारेठ पर कार्रवाई की मांग करने लगे। हंगामे के बीच कांग्रेसी पार्षद वेल में आ गए। वहीं स्वाति परनामी वेल में आकर धरने पर बैठ गई। भाजपा पार्षद जयश्री गर्ग ने भी स्वाति परनामी का समर्थन किया। उनके साथ वैल में आकर बैठ गई। इस बीच पार्षद परनामी के आंखों में आसू आ गए।
नोक—झोंक के बाद धक्का—मुक्की
वेल में आए कांग्रेस और भाजपा के पार्षदों के बीच नोक—झोंक हो गई। आपसी तनाव के बाद दोनों पर आमने—सामने हो गए। इसमें तनातनी और बीच—बचाव के दौरान पार्षदों में आपस में धक्का मुक्की और हाथापाई हो गई। इस पर महापौर ने सदन की कार्रवाई पन्द्रह मिनट के लिए स्थगित कर दी। हालांकि सदन की कार्रवाई के स्थगन के दौरान भी पार्षद परनामी वेल में ही बैठी रही। वहीं भाजपा केे पार्षद विकास बारेठ से समझाइश में लगे रहे। बाद में दोनों को बंद कमरे में लेजाकर समझाइश की गई। सदन की कार्यवाही फिर से शुरू होने से पहले विकास बारेठ पार्षद परनामी को हाथ पकड़कर सदन तक लाए। सदन की बैठक फिर से शुरू हुई तो कांग्रेसी पार्षद ने आपत्ति दर्ज करवाई, इस पर पार्षद स्वामी परनामी ने हंगामे के चलते सदन का समय बर्बाद होने पर माफी मांगी।
दो प्रस्ताव डेफर
साधारण सभा में 18 प्रस्ताव रखे गए। इनमें नगर निगम में किराए पर लिए ट्रेक्टर मय हाईड्रोलिक ट्रोली के अलावा लोडर आपूर्ति कार्य की बकाया राशि के भुगतान के प्रस्ताव पर उपमहापौर पुनीत कर्णावट ने 18 प्रतिशत ब्याज का अनुतेाष बाबत आदेश पारित करने की आशंका पर आपत्ति दर्ज करवाई, वहीं वित्त समिति की चेयरमैन शील धाबाई ने बिना वित्त समिति में रखे ये प्रस्ताव सीधे बोर्ड बैठक में रखने पर आपत्ति दर्ज करवाई। इसके चलते दो प्रस्तावों को डेफर कर दिया गया।
पूर्व मेयर नाहटा व लाहोटी का भी जिक्र
बोर्ड बैठक में पूर्व मेयर निर्मल नाहटा और अशोक लाहोटी का भी जिक्र किया गया। उद्यान समिति की चेयरमैन राखी राठौड़ ने कहा कि बोर्ड बैठक में विकास को लेकर हम ऐसा काम करें, जिसे बाद में भी याद किया जाए। उन्होंने पूर्व मेयर निर्मल नाहटा का नाम लेते हुए कहा कि उन्होंने एलईडी लाइट लाकर बिजली बचत की दिशा में काम किया, वहीं पूर्व मेयर अशोक लाहोटी ने डोर—टू—डोर कचरा संग्रहण का काम शुरू करवाया।