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पत्रिका की खबर का असर: नगर निगम ग्रेटर ने स्पैरो कंपनी को दिया नोटिस, कार्रवाई की तैयारी

जयपुर ग्रेटर और हैरिटेज नगर निगम में यूडी टैक्स वसूली करने में स्पैरो कंपनी फेल साबित हो रही है, जिसके चलते नगर निगम ने कंपनी से पीछा छुड़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी को ग्रेटर निगम प्रशासन की ओर से नोटिस जारी कर अनुबंध खत्म करने की चेतावनी दी गई है।

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जयपुर

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Umesh Sharma

Aug 16, 2022

पत्रिका की खबर का असर: नगर निगम ग्रेटर ने स्पैरो कंपनी को दिया नोटिस, कार्रवाई की तैयारी

पत्रिका की खबर का असर: नगर निगम ग्रेटर ने स्पैरो कंपनी को दिया नोटिस, कार्रवाई की तैयारी

जयपुर ग्रेटर और हैरिटेज नगर निगम में यूडी टैक्स वसूली करने में स्पैरो कंपनी फेल साबित हो रही है, जिसके चलते नगर निगम ने कंपनी से पीछा छुड़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी को ग्रेटर निगम प्रशासन की ओर से नोटिस जारी कर अनुबंध खत्म करने की चेतावनी दी गई है। आपको बता दें कि पत्रिका ने 5 अगस्त को 'शहरी सरकार के हाल, जयपुर के विकास में बाधा, यूडी टैक्स वसूली में फिसड्डी' शीर्षक से खबर छापी थी। खबर में बताया गया था कि दोनों नगर निगम ने जिस कंपनी को काम सौंपा था, वह टैक्स वसूली में फिसड्डी साबित हो रही है। इसके बाद निगम प्रशासन ने कंपनी को नोटिस जारी कर अनुबंध समाप्त करने की चेतावनी दी है।

दोनों नगर निगम कंपनी स्पैरो सॉफ्टेक प्राइवेट लिमिटेड को नगरीय विकास कर वसूली पर 9.95 प्रतिशत कमीशन दे रही है। इसके बाद भी निगम ग्रेटर और नगर निगम हैरिटेज का खजाना खाली है। कम्पनी ने जब काम संभाला था. उस समय नगरीय विकास कर वसूली के बड़े सपने दिखाए थे। कम्पनी अनुमान के मुताबिक वसूली नहीं कर पा रही है। साथ ही कर्मचारियों की दुर्व्यवहार की शिकायतों से भी निगम प्रशासन परेशान हो चुका है। सर्वे के नाम पर फर्म के लोग कभी भी आ धमकाते हैं। गौरतलब है कि अनुबंध के बाद अब तक ग्रेटर नगर निगम में 96 करोड़ और हैरिटेज नगर निगम में 53 करोड़ रुपए नगरीय विकास कर के वसूल कर चुके हैं। होर्डिंग साइट को छोड़कर विज्ञापन साइट से ग्रेटर निगम में 10.60 करोड़ और हैरिटैज निगम में 6.5 करोड़ रुपए वसूल किए हैं।


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लक्ष्य पूरा होना मुश्किल

दोनों नगर निगम ने जो लक्ष्य तय किए है, वह पूरे होते नजर नहीं आ रहे हैं। ग्रेटर नगर निगम ने इस साल यूडी टैक्स वसूली का टारगेट 80 करोड़ रूपए से अधिक का रखा है, जबकि वसूली अभी तक करीब साढ़े 18 करोड़ रूपए ही कर पाए हैं। एक अप्रैल से जुलाई तक निगम प्रशासन ने करीब पौने 17 करोड़ रूपए यूडी टैक्स के वसूल किए हैं। इनमें हाउस टैक्स में 22 लाख रूपए वसूल कर पाए है, जबकि विज्ञापन शुल्क के रूप में ग्रेटर नगर निगम ने अभी तक एक करोड़ रूपए से अधिक वसूल किए है।