Jaipur Greater Nagar Nigam के पूर्व आयुक्त यज्ञमित्र सिंह देव के साथ बदसलूकी मामले में तीन पार्षद निलंबित चल रहे हैं। अब न्यायिक जांच में भी महापौर सौम्या गुर्जर और पार्षद अजय सिंह, शंकर शर्मा और पारस जैन दोषी पाए गए हैं। अभी तक सरकार ने चारों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया है। लेकिन न्यायिक जांच की सत्यापित कॉपी को लेकर तीनों निलंबित पार्षदों ने दूसरे दिन भी डीएलबी कार्यालय पर धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इन तीनों के साथ अन्य पार्षदों ने भी डीएलबी कार्यालय पर धरना देते हुए सरकार से सत्यापित कॉपी उपलब्ध कराने की मांग की।
ये भी पढ़ें: डोर टू डोर कचरा संग्रहण: फिर पुरानी गलती दोहरा है नगर निगम ग्रेटर
पार्षद अजय सिंह ने कहा कि जब न्यायिक जांच पूरी हो चुकी है और उसके आदेश भी हो चुके हैं तो डीएलबी सत्यापित कॉपी देने से क्यों घबरा रहा है। अगर हमें सत्यापित कॉपी मिल जाए तो हम भी कोर्ट का दरवाजा खटखटाएं। उन्होंने सरकार की इस कार्रवाई को साजिश करार दिया और कहा कि आदेश के खिलाफ सरकार हमें कोर्ट में जाने से रोकना चाहती है, इस वजह से कॉपी देने में आनकानी कर रही है। गौरतलब है कि ये तीनों पार्षद बदसलूकी की घटना के बाद से ही निलंबित चल रहे थे। न्यायिक रिपोर्ट नहीं आने की वजह से महापौर सौम्या गुर्जर को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली थी। अब न्यायिक जांच में दोषी पाए जाने के बाद से चारों पर बर्खास्त होने का खतरा मंडरा रहा है। साथ ही चुनाव लड़ने पर भी बैन लगाया जा सकता है।