
जयपुर। राज्य सरकार ने यात्री विमानों के फ्यूल पर वैट दो प्रतिशत कम कर दिया, लेकिन इंटरनेशनल एयर कनेक्टिविटी में जयपुर एयरपोर्ट लखनऊ और अहमदाबाद जैसे बराबरी के शहरों से पीछे है। एयरलाइन कंपनियां यात्रीभार कम होने के नाम पर इंटरनेशनल एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने को तैयार नहीं है।
कंपनियां विदेश आवाजाही करने वाले यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट की सुविधा देने के नाम पर कमाई कर रही है। वहीं कनेक्टिंग फ्लाइट से यात्रियों को करीब 50 हजार रुपए किराया अधिक देना पड़ रहा है। उधर कंपनियां विंटर शिड्यूल में जयपुर से मस्कट, दुबई, शारजहां, बैंकॉक के लिए प्रति सप्ताह 42 फ्लाइट संचालित करेंगी। जो नियमित उड़ानों के मुकाबले करीब दोगुना है।
एयरलाइन प्रतिनिधिः जयपुर से लंदन, सिंगापुर, मलेशिया जैसे देशों के लिए सीधी फ्लाइट शुरू करने में यात्रीभार की गारंटी नहीं है। दुबई से 75 देशों के लिए हवाई सेवा है और जयपुर-दुबई नियमित फ्लाइट है। ऐसे में कनेक्टिंग फ्लाइट के जरिए कहीं भी आ-जा सकते हैं।
दूर ऑपरेटर्स: आने वाले दिनों में आइफा, राइजिंग राजस्थान समेत कई बड़े कार्यक्रम होंगे। ऐसे में सरकार को ध्यान देने की जरूरत है। अब तो राजस्थान में भी गुजरात और उत्तरप्रदेश की तरह डबल इंजन सरकार है।
Updated on:
07 Nov 2024 07:58 am
Published on:
07 Nov 2024 07:57 am
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